Monday, 28 November 2011
लड़कियाँ --केरियर और प्यार के बीच
बदलते समय के साथ-साथ शिक्षा और कॅरियर विकल्पों के प्रसार-प्रचार में भी महत्वपूर्ण विस्तार और सुधार देखा जा सकता है. अभिभावक अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें अपने से दूर रखना भी स्वीकार कर लेते हैं. यही वजह है कि आज छोटे-छोटे शहरों के बच्चे उज्जवल भविष्य के सपने संजोए बड़े शहरों में पढ़ने और काम करने आते हैं. लेकिन जिस परिवार और अभिभावकों के साथ उन्होंने अपना बचपन गुजारा है उनसे दूर रहना उनके लिए बहुत दुखदायी बन जाता है. नए महौल के साथ सामंजस्य बैठा पाना उनके लिए कठिन हो जाता है.
फिल्मों में भी अकसर आपने यह देखा होगा कि जब भी कोई बच्चा अपने अभिभावकों से दूर रहने या पढ़ने जाता है तो उसे अपने घर की बहुत याद सताती है. कुछ दिनों तक वह ना तो ठीक से खा पाता है ना ही दोस्तों से घुल-मिल पाता है. इतना ही नहीं अगर घर लौटने के उसके सारे प्रयास विफल हो जाएं तो वह निराश और अवसादग्रस्त हो जाता है.
वर्तमान परिदृश्य के मद्देनजर हो सकता है बेपरवाह स्वभाव वाले युवकों की व्यावहारिक मानसिकता को देखते हुए, जो परिवार को एक बंधन से अधिक कुछ नहीं समझते और इससे दूर रहकर ही अपनी स्वतंत्रता का वास्तविक आनंद उठाते हैं, आपको परिवार से दूर रहकर उनका परेशान और निराश होना मात्र एक फिल्मी कहानी लगती हो, लेकिन एक नए अध्ययन ने यह प्रमाणित किया है कि वे लड़के जो परिवार से दूर रहते हैं उन्हें भावनात्मक समझी जाने वाली लड़कियों की अपेक्षा कहीं ज्यादा अपने परिवार की याद सताती है. विशेषकर मां के बिना रहना उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है. वहीं दूसरी ओर वे युवतियां जो बाहर पढ़ने जाती हैं वह नई-नई मिली आजादी का पूरा फायदा उठाती हैं. अपनी मर्जी के अनुसार जीवन जीती हैं और दोस्तों के साथ घूमती-फिरती है.
ब्रिटेन की नेशनल एक्सप्रेस द्वारा किए गए इस अध्ययन में यह प्रमाणित हुआ है कि घर से दूर रहने वाले लड़के अपनी मां और परिवार को लड़कियों की अपेक्षा कहीं ज्यादा याद करते हैं. अध्ययन में शामिल एक-तिहाई लड़कों का कहना है कि वह दूर रहकर अपनी मां के हाथ का बना खाना और उनका सानिध्य बहुत याद करते हैं. वह सिर्फ अपनी मां के साथ ही रहना चाहते हैं लेकिन लड़कियां जैसे ही नए महौल में खुद को ढाल लेती हैं वह वापस घर जाना नहीं चाहतीं.
इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता कार्ली ऑडोनल का कहना है कि होस्टल में रहना सभी युवाओं को भाता है लेकिन फिर भी उन्हें घर में मौजूद सुख-सुविधाओं और पारिवारिक सदस्यों की बहुत याद आती है.
ब्रिटेन में हुए इस अध्ययन को अगर थोड़ा और विस्तारित किया जाए तो युवावस्था से गुजर रहे लड़कों और लड़कियों की मानसिकता और प्राथमिकताओं के बीच के मौलिक अंतर का आंकलन भी आसानी से किया जा सकता है.
युवावस्था आयु का सबसे कोमल पड़ाव होता है. इस आयुवर्ग के बच्चे गलत और सही में भेद नहीं कर पाते और कहीं जल्दी अपने मार्ग से भटक जाते हैं. भारतीय परिदृश्य में अकसर आपने देखा होगा कि युवकों को तो फिर भी कुछ हद तक अपने इच्छानुसार आने-जाने की स्वतंत्रता मिल जाती है लेकिन परिवार चाहे कितना ही आधुनिक और खुले विचारों वाला क्यों ना हो, बेटियों को ज्यादा स्वतंत्रता देने से बचता ही है. युवकों की अपेक्षा युवतियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं.
एक निर्धारित आयु तक पहुंचने के बाद युवतियां अपने सपनों के राजकुमार के विषय में सोचने लगती हैं. उनकी आंखों में साथी के साथ एक सुखद भविष्य से जुड़े सपने घर करने लगते हैं. किसी फिल्म के नायक के साथ वह अपने राजकुमार की तुलना करने लगती हैं. उनका ड्रीम ब्वॉय कैसा होगा, क्या करता होगा, वह बस इन्हीं ख्यालों में खोई रहती हैं. ऐसे में अगर उन्हें परिवार और घर के बंधनों से बाहर रहने का अवसर मिले तो वह इस ओर ज्यादा आकर्षित होती हैं. परिवार के साथ रहते हुए जहां उन्हें अपनी स्वतंत्रता और आकांक्षाओं का दमन करना पड़ता था, वहीं अब वह स्वच्छंद जीवन व्यतीत कर सकती हैं. वह जब चाहे किसी से मिल सकती हैं और अपने सपनों के राजकुमार की तलाश कर सकती हैं. युवतियों के लिए जीवन में एक विशेष व्यक्ति का आगमन सबसे ज्यादा अहम होता है. अभिभावकों के साथ रहते हुए उन्हें मनचाही स्वतंत्रता नहीं मिल पाती इसीलिए परिवार से दूर रहने के दौरान वह उपलब्ध समय का पूरा आनंद उठाती हैं.
लेकिन युवकों पर घर में रहते हुए भी ज्यादा निगरानी नहीं रखी जाती इसलिए उनके लिए घर से दूर रहना बहुत भारी पड़ जाता है. उनके परिवार वाले कितने ही सख्त या कठोर क्यों ना हों वह उन्हें बहुत याद करते हैं. बाहर का खाना उन्हें बिलकुल पसंद नहीं आता. भले ही वह स्वयं को कितना ही लापरवाह दर्शाते हों लेकिन वे कभी भी अपनी मां के लाड़-प्यार से दूर नहीं रह सकते.
उल्लेखनीय है कि युवकों के लिए सपनों की राजकुमारी जैसी धारणा कुछ ज्यादा महत्व नहीं रखती. वह युवतियों के प्रति चाहे कितनी ही आकर्षित क्यों ना हों वह उन्हें सिर्फ गर्ल-फ्रेंड तक ही रखते हैं. परिपक्वता के पायदान पर पहुंचने के बाद ही उन्हें एक सुयोग्य और मनपसंद साथी की ख्वाहिश रहती है. लेकिन युवतियां प्रायः अल्प-कालिक संबंधों को प्रमुखता नहीं देतीं, वह अपने जीवन में आने वाले पहले पुरुष के साथ ही खुशहाल स्थायी जीवन बसर करना चाहती हैं. घर पर ज्यादा रोक-टोक और अपेक्षित स्वतंत्रता ना मिलने के कारण वह अपने साथी की तलाश नहीं कर पातीं, लेकिन जब उन्हें अकेले रहने का अवसर मिलता है तो वह अपनी दमित इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश करती हैं.
प्यार की आहट
अक्सर कई बार होता है जब हम प्यार में होते हैं तो हमें पता नहीं चलता कि हम प्यार में हैं या नहीं. पर यह स्वाभाविक है कि अगर हम प्यार में हैं तो हमारे स्वभाव में कुछ फर्क आ जाता है. प्यार की कब, किसे, कैसे हो जाए- यह कहा नहीं जा सकता है. प्यार जब हो जाए तो चैन नहीं, ना हो तो बेचैनी, हो गया तो समझना मुश्किल, ना हो तो जीना मुश्किल.
ऐसे समय में प्यार को स्वीकार करने में भी हिचकिचाहट होती है और दिल में छुपाने में भी दर्द होता है. जिससे आपको प्यार है उससे आप बता भी नहीं सकते क्यूंकि फिर वही साला “डर” आपको सताएगा. प्यार की आहट को समझना कोई पहाड़ तोड़ने जैसी मुश्किल बात नहीं है. अगर आप प्यार में हैं और आपको जानना है कि प्यार की आहट होती कैसी है तो बस कुछ निम्न बातों पर गौर करें आपको जवाब मिल जाएगा:
एक दिन वह दिखाई न दे तो आपके दिल में अनेक अशुभ बातें आने लगें. दिल बुरी तरह से घबराने लगे.
* उसके बिना जिंदगी नीरस, फालतू, बकवास या आधी-अधूरी लगने लगे.
* किसी को फोन करते समय भूल से उसका मोबाइल नंबर डायल कर दें.
* मोबाइल की घंटी बजने या मिस कॉल आने पर ऐसा लगे उसने ही कॉल किया होगा.
* फोन पर घंटों बातें करने के बावजूद दिल न माने और बातें करने की इच्छा बनी रहे.
* रोमांटिक फिल्म में हीरो की जगह स्वयं को व हीरोइन की जगह उसके होने की कल्पना करने लगें.
* आपको भूख कम लगने लगे या खाने-पीने की सुध न रहे.
* पत्र-पत्रिकाओं में राजनीति, सामाजिक, करियर आदि की खबरों को छोड़कर फैशन, फिटनेस, ब्यूटी टिप्स, माई फस्ट लव, लव टिप्स आदि आप पढ़ना पसंद करने लगें.
* अखबार में पहले उसकी, फिर अपनी राशि देखें.
* आपको अपना डेट ऑफ बर्थ भले याद नहीं हो लेकिन उसके डेट ऑफ बर्थ से लेकर उसके पूरे फैमिली का बायोडाटा जबानी याद हो.
* गजलें और दर्द भरे गीत आप बड़े ध्यान से सुनने लगें. दूसरों को भी ऐसे गीत सुनने की सलाह देने लगें. गजल, शेरो-शायरी पर लंबा लेक्चर देने लगें. मानो उसके बारे में आपको बड़ा नॉलेज है.
* खुद में जादू की शक्ति संचार हो जाने की कल्पना करें. आपको ऐसा लगने लगे कि आप खुद गायब होकर कुछ ही पलों में कहीं से कहीं पहुँच सकते हैं.
* अपने कम्प्यूटर के पासवर्ड में उसके नाम का कोड रखें.
* जब भी वह उठकर कहीं जाए (बाथरूम भी) तो आपकी निगाहें उसका पीछा करती रहें.
* उसके पालतू कुत्ते, बिल्ली को भी चूमने का आपका मन करने लगे.
* आपके पास कैमरा होने पर उसकी ढेर सारी तस्वीरें उतारने का दिल करे.
* जब वह किसी लड़के/ लड़की के साथ बात करे तो आपको ईर्ष्या होने लगे. उस लड़के/ लड़की का गला घोंट देने की इच्छा होने लगे.
* उसकी बेतुकी या बच्चों जैसी हरकतें भी आपको अच्छी लगने लगे.
* आपमें दयालु और उदार के भाव आ जाएं. दूसरों की मदद करना आपको अच्छा लगने लगे.
* रोमांटिक गाने सुनकर आपका मन झूमने के लिए बेताब होने लगे.
* जब बात-बात पर मन खुशी से झूम उठे या मन रोने या रूठने का करने लगे.
* उनका मन में खयाल आते ही दिल में कुछ-कुछ होने लगे.
* आपका दिल हमेशा उससे मिलने के लिए बेचैन रहने लगे.
* उसके आने के पहले बहुत कुछ कहने को मन करे. उसके आने पर कुछ न कह पाएं. लब सिर्फ फड़फड़ाकर रह जाएं. कोई भी नई चीज खरीदने पर आपको लगने लगे पहले उसे दिखाऊं.
* उससे मिलने के लिए जाते वक्त दिल में अजीब-सी गुदगुदी होने लगे. मन प्रफुल्लित होकर शरीर हवा में उड़ने लगे.
* आप अपने बॉडी और फिगर पर अधिक ध्यान देने लगें. इसके लिए जिम आने लगें.
* बार-बार आप खुद को आईने के सामने खड़े पाएं. चेहरे पर हल्की-सी दाग से आपका मन विचलित होने लगे.
* आप अपने बालों का स्टाइल बदल लें. इसके लिए दोस्तों से सलाह लेने लगें.
* आपमें गजब का ड्रेस सेंस आ जाए. हर घंटे ड्रेस बदलने का मन होने लगे या हर रोज नई ड्रेस पहनने या नई ड्रेस खरीदने की इच्छा करने लगे.
* अपनी पसंद-नापसंद को भूल जाएं. उसकी पसंद-नापसंद को ज्यादा एहमियत देने लगें.
* उसकी हर अदा पर हो जाएं आप फिदा.
* आप अपनी लाइफ स्टाइल छोड़कर उसकी लाइफ स्टाइल अपनाने लगें.
* आप उससे दोस्तों के साथ मिलने की बजाय अकेले में मिलना चाहें. उससे अकेले में ही बात करने की इच्छा हो.
* आपका दिल उस पर मर मिटने को होने लगे.
* मैं की बजाय ‘हम’ शब्द का आप अधिकाधिक इस्तेमाल करने लगें.
* फुर्सत के क्षणों में आप रोमांटिक कल्पनाओं में डूब जाएं. आपको लगने लगे, वह आपकी बाहों में है या आप उसकी गोद में सिर रखकर लेटे हैं.
* उसके जैसा कोई खूबसूरत न लगे. सारी दुनिया की लड़कियां उसके सामने बदसूरत और फीकी लगने लगे.
ऐसे समय में प्यार को स्वीकार करने में भी हिचकिचाहट होती है और दिल में छुपाने में भी दर्द होता है. जिससे आपको प्यार है उससे आप बता भी नहीं सकते क्यूंकि फिर वही साला “डर” आपको सताएगा. प्यार की आहट को समझना कोई पहाड़ तोड़ने जैसी मुश्किल बात नहीं है. अगर आप प्यार में हैं और आपको जानना है कि प्यार की आहट होती कैसी है तो बस कुछ निम्न बातों पर गौर करें आपको जवाब मिल जाएगा:
एक दिन वह दिखाई न दे तो आपके दिल में अनेक अशुभ बातें आने लगें. दिल बुरी तरह से घबराने लगे.
* उसके बिना जिंदगी नीरस, फालतू, बकवास या आधी-अधूरी लगने लगे.
* किसी को फोन करते समय भूल से उसका मोबाइल नंबर डायल कर दें.
* मोबाइल की घंटी बजने या मिस कॉल आने पर ऐसा लगे उसने ही कॉल किया होगा.
* फोन पर घंटों बातें करने के बावजूद दिल न माने और बातें करने की इच्छा बनी रहे.
* रोमांटिक फिल्म में हीरो की जगह स्वयं को व हीरोइन की जगह उसके होने की कल्पना करने लगें.
* आपको भूख कम लगने लगे या खाने-पीने की सुध न रहे.
* पत्र-पत्रिकाओं में राजनीति, सामाजिक, करियर आदि की खबरों को छोड़कर फैशन, फिटनेस, ब्यूटी टिप्स, माई फस्ट लव, लव टिप्स आदि आप पढ़ना पसंद करने लगें.
* अखबार में पहले उसकी, फिर अपनी राशि देखें.
* आपको अपना डेट ऑफ बर्थ भले याद नहीं हो लेकिन उसके डेट ऑफ बर्थ से लेकर उसके पूरे फैमिली का बायोडाटा जबानी याद हो.
* गजलें और दर्द भरे गीत आप बड़े ध्यान से सुनने लगें. दूसरों को भी ऐसे गीत सुनने की सलाह देने लगें. गजल, शेरो-शायरी पर लंबा लेक्चर देने लगें. मानो उसके बारे में आपको बड़ा नॉलेज है.
* खुद में जादू की शक्ति संचार हो जाने की कल्पना करें. आपको ऐसा लगने लगे कि आप खुद गायब होकर कुछ ही पलों में कहीं से कहीं पहुँच सकते हैं.
* अपने कम्प्यूटर के पासवर्ड में उसके नाम का कोड रखें.
* जब भी वह उठकर कहीं जाए (बाथरूम भी) तो आपकी निगाहें उसका पीछा करती रहें.
* उसके पालतू कुत्ते, बिल्ली को भी चूमने का आपका मन करने लगे.
* आपके पास कैमरा होने पर उसकी ढेर सारी तस्वीरें उतारने का दिल करे.
* जब वह किसी लड़के/ लड़की के साथ बात करे तो आपको ईर्ष्या होने लगे. उस लड़के/ लड़की का गला घोंट देने की इच्छा होने लगे.
* उसकी बेतुकी या बच्चों जैसी हरकतें भी आपको अच्छी लगने लगे.
* आपमें दयालु और उदार के भाव आ जाएं. दूसरों की मदद करना आपको अच्छा लगने लगे.
* रोमांटिक गाने सुनकर आपका मन झूमने के लिए बेताब होने लगे.
* जब बात-बात पर मन खुशी से झूम उठे या मन रोने या रूठने का करने लगे.
* उनका मन में खयाल आते ही दिल में कुछ-कुछ होने लगे.
* आपका दिल हमेशा उससे मिलने के लिए बेचैन रहने लगे.
* उसके आने के पहले बहुत कुछ कहने को मन करे. उसके आने पर कुछ न कह पाएं. लब सिर्फ फड़फड़ाकर रह जाएं. कोई भी नई चीज खरीदने पर आपको लगने लगे पहले उसे दिखाऊं.
* उससे मिलने के लिए जाते वक्त दिल में अजीब-सी गुदगुदी होने लगे. मन प्रफुल्लित होकर शरीर हवा में उड़ने लगे.
* आप अपने बॉडी और फिगर पर अधिक ध्यान देने लगें. इसके लिए जिम आने लगें.
* बार-बार आप खुद को आईने के सामने खड़े पाएं. चेहरे पर हल्की-सी दाग से आपका मन विचलित होने लगे.
* आप अपने बालों का स्टाइल बदल लें. इसके लिए दोस्तों से सलाह लेने लगें.
* आपमें गजब का ड्रेस सेंस आ जाए. हर घंटे ड्रेस बदलने का मन होने लगे या हर रोज नई ड्रेस पहनने या नई ड्रेस खरीदने की इच्छा करने लगे.
* अपनी पसंद-नापसंद को भूल जाएं. उसकी पसंद-नापसंद को ज्यादा एहमियत देने लगें.
* उसकी हर अदा पर हो जाएं आप फिदा.
* आप अपनी लाइफ स्टाइल छोड़कर उसकी लाइफ स्टाइल अपनाने लगें.
* आप उससे दोस्तों के साथ मिलने की बजाय अकेले में मिलना चाहें. उससे अकेले में ही बात करने की इच्छा हो.
* आपका दिल उस पर मर मिटने को होने लगे.
* मैं की बजाय ‘हम’ शब्द का आप अधिकाधिक इस्तेमाल करने लगें.
* फुर्सत के क्षणों में आप रोमांटिक कल्पनाओं में डूब जाएं. आपको लगने लगे, वह आपकी बाहों में है या आप उसकी गोद में सिर रखकर लेटे हैं.
* उसके जैसा कोई खूबसूरत न लगे. सारी दुनिया की लड़कियां उसके सामने बदसूरत और फीकी लगने लगे.
Friday, 25 November 2011
फ्लर्टिंग के पांच तरीके
प्यार में एक दूसरे को आकर्षित करने के लिए फ्लर्टिंग करना सिर्फ चुहल नहीं है बल्कि
शोधकर्ताओं का कहना है कि फ्लर्टिंग रोमांटिक जिंदगी की दिशा तय करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि किसी अजनबी को अपना बनाने
का तरकीब कोई जान ले तो रिश्तों की इस पहेली को सुलझाना आसान हो जाएगा।
कंसास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफरी हॉल ने 5,100 लोगों पर शोध किया। उन्होंने इन लोगों से प्यार के दौरान की बातचीत और फ्लर्टिंग के बारे में पूछा। उन्होंने पाया कि किसी को अपना बनाने के लिए अपनाएं गए आकर्षण का तरीका यह जाहिर कर देता है कि प्रेम संबंध लंबे समय तक टिकेगा, क्योंकि इस दौरान आने वाली चुनौतियों से भी लोगों को कई सीख मिलती है और यह उन्हें प्रेम संबंधों में सफलता दिलाने में मददगार साबित होती है।
शोधकर्ताओं ने फ्लर्टिंग के पांच तरीके बताएं हैं जो इस प्रकार है।
पारंपरिक फ्लर्टिंग
फ्लर्टिंग का यह पुराना अंदाज माना जाता है इसमें रोमांश की पहल लड़के करते हैं। लड़कियां कुछ सक्रिय रहती हैं। इसमें लड़का लड़की को खुश करने के लिए अलग अलग तरीका अपनाता है। लड़की को अगर उसका फ्लर्टिंग का अंदाज पंसद आता है तो यह रिश्ता गहरा होता है।
पोलाइट फ्लर्टिंग
फ्लर्टिंग के इस तरीके में दोनों बहुत ही सौम्य और एक दूसरे के प्रति काफी संजीदा होते हैं। वे अपनी इच्छाओं को जल्दी जाहिर नहीं करते हैं। वे पार्टनर का चुनाव भी बहुत सोच समझकर करते हैं। पार्टनर में दिलचस्पी जाहिर करने में काफी समय लगा देते हैं।
फीजिकल फ्लर्टिंग
इसमें लोग अपने प्रेमी को अपने शारीरिक हाव भाव से यौन इच्छाओं का अहसास दिलाते हैं और जल्दी ही रिश्ता बनाने में कामयाब हो जाते हैं। इन लोगों के बीच बेहतर यौन संबंध होते हैं। इस संबंध के कारण ये भावनात्मक रूप से भी ज्यादा जुड़ जाते हैं।
ऑनेस्ट फ्लर्टिंग
इस तरह के लोगों को खुद पर भरोसा होता है। अपने पार्टनर के प्रति बहुत इमानदार होते हैं। वे भावनाओं को ज्यादा अहमियत देते हैं। करीब आने के लिए फ्लर्टिंग का सहारा जरूर लेते हैं लेकिन उनका मानना होता है कि रोमांटिक बातचीत रोमांस को आगे बढ़ाने का अच्छा तरीका है। ये लोग प्यार पाने में जल्दी कामयाब होते हैं।
प्लेफुल फ्लर्टिंग
आजकल ज्यादातर लोग प्लेफुल फ्लर्टिंग के ही पक्षधर हैं। ये अपने विचार दूसरों पर लागू करते हैं। ये रिश्ते बनाने में बहुत कम कामयाब होते हैं। क्योंकि ये जल्दी जल्दी पार्टनर बदलते हैं। रिश्ता बनाना इनका मकसद नहीं बल्कि एंजोय करना इनका ध्येय होता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि फ्लर्टिंग रोमांटिक जिंदगी की दिशा तय करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि किसी अजनबी को अपना बनाने
का तरकीब कोई जान ले तो रिश्तों की इस पहेली को सुलझाना आसान हो जाएगा।
कंसास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफरी हॉल ने 5,100 लोगों पर शोध किया। उन्होंने इन लोगों से प्यार के दौरान की बातचीत और फ्लर्टिंग के बारे में पूछा। उन्होंने पाया कि किसी को अपना बनाने के लिए अपनाएं गए आकर्षण का तरीका यह जाहिर कर देता है कि प्रेम संबंध लंबे समय तक टिकेगा, क्योंकि इस दौरान आने वाली चुनौतियों से भी लोगों को कई सीख मिलती है और यह उन्हें प्रेम संबंधों में सफलता दिलाने में मददगार साबित होती है।
शोधकर्ताओं ने फ्लर्टिंग के पांच तरीके बताएं हैं जो इस प्रकार है।
पारंपरिक फ्लर्टिंग
फ्लर्टिंग का यह पुराना अंदाज माना जाता है इसमें रोमांश की पहल लड़के करते हैं। लड़कियां कुछ सक्रिय रहती हैं। इसमें लड़का लड़की को खुश करने के लिए अलग अलग तरीका अपनाता है। लड़की को अगर उसका फ्लर्टिंग का अंदाज पंसद आता है तो यह रिश्ता गहरा होता है।
पोलाइट फ्लर्टिंग
फ्लर्टिंग के इस तरीके में दोनों बहुत ही सौम्य और एक दूसरे के प्रति काफी संजीदा होते हैं। वे अपनी इच्छाओं को जल्दी जाहिर नहीं करते हैं। वे पार्टनर का चुनाव भी बहुत सोच समझकर करते हैं। पार्टनर में दिलचस्पी जाहिर करने में काफी समय लगा देते हैं।
फीजिकल फ्लर्टिंग
इसमें लोग अपने प्रेमी को अपने शारीरिक हाव भाव से यौन इच्छाओं का अहसास दिलाते हैं और जल्दी ही रिश्ता बनाने में कामयाब हो जाते हैं। इन लोगों के बीच बेहतर यौन संबंध होते हैं। इस संबंध के कारण ये भावनात्मक रूप से भी ज्यादा जुड़ जाते हैं।
ऑनेस्ट फ्लर्टिंग
इस तरह के लोगों को खुद पर भरोसा होता है। अपने पार्टनर के प्रति बहुत इमानदार होते हैं। वे भावनाओं को ज्यादा अहमियत देते हैं। करीब आने के लिए फ्लर्टिंग का सहारा जरूर लेते हैं लेकिन उनका मानना होता है कि रोमांटिक बातचीत रोमांस को आगे बढ़ाने का अच्छा तरीका है। ये लोग प्यार पाने में जल्दी कामयाब होते हैं।
प्लेफुल फ्लर्टिंग
आजकल ज्यादातर लोग प्लेफुल फ्लर्टिंग के ही पक्षधर हैं। ये अपने विचार दूसरों पर लागू करते हैं। ये रिश्ते बनाने में बहुत कम कामयाब होते हैं। क्योंकि ये जल्दी जल्दी पार्टनर बदलते हैं। रिश्ता बनाना इनका मकसद नहीं बल्कि एंजोय करना इनका ध्येय होता है।
लडको में क्या क्या खोजती हैं लड़कियाँ
प्यार, इश्क, मोहब्बत इन शब्दों को पढ़ते ही हमारा मन रुमानी भावों से भर जाता है। इश्क में पड़ते ही हमें हर चीज रंगीन नजर आने लगती है। प्यार के इस रंगीन एहसास को महसूस करने के लिए जरुरत है उस शख्स की, जिसे देख कर हम कह सके कि हां, यही है वह जिसका हमें इंतजार था।
लड़कों के लिए यह पहली नजर का प्यार हो सकता है लेकिन लड़कियों के लिए ऐसा नहीं है। हर लड़की के सपने में उसका राजकुमार रहता है, जिसे वह हकीकत में भी देखना पसंद करती है। अपने मन में बनाई इस रूपरेखा के ही अनुरूप ही वह अपने साथी का चयन करती है। आइए जानते हैं कि लड़कियां अपने साथी में क्या खूबियां चाहतीं हैं।
1 ईमानदारी और विश्वास: ईमानदारी और विश्वास हमेशा से ही एक अच्छे रिश्ते की रीढ़ है। हर लड़की चाहती है कि उसका साथी उस पर यकीन रखे और रिलेशन के प्रति ईमानदार रहे।
2 आदर का भाव: लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी और उनके परिवार की इज्जत करने वाला हो। साथ ही उसके मन में अन्य लड़कियों के प्रति भी आदर का भाव हो।
3 समानता: आज की लड़कियां चाहती हैं कि उनका पति उन्हें समानता की नजर से देखे। भारत मुख्यत: पुरूष प्रधान देश है। बचपन से ही लड़कियों को अपने पति के अधीन रहने की सीख दी जाती है। बदलते परिवेश के साथ लड़कियों की सोच में भी परिवर्तन हुआ है। उनका मानना है कि पति-पत्नी जीवन रथ के दो पहिए की तरह हैं जिनका समान होना जरुरी है।
4 भावनाओं की कद्र : लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं की कद्र करे और हमेशा एक मजबूत आधार की तरह उसका साथ दे।
5 सूरत नहीं सीरत : लड़कियां लड़कों की सूरत से ज्यादा सीरत पर मरती हैं इसलिए वे चाहतीं हैं कि उनका पार्टनर जैसा भी हो पर एक सज्जन पुरुष जरूर हो।
Thursday, 24 November 2011
जब करना हो लड़कियों को इंप्रेस
'वाउ यार क्या बॉडी है उसकी', 'ही इज़ सो क्यूट न', 'क्या गाता है यार' ऐसे कई वाक्य आपने अक्सर लड़कियों को कहते सुना ही होगा और लड़कियों को इंप्रेस करने का भी जरुर सोचा होगा।
लड़कियों को इंप्रेस करना भी एक कला है दोस्तों, जिसमें हर कोई माहिर नहीं होता। किसी के पास तो ये खूबियां गॉड गिफ्ट के रूप में होती हैं और किसी के पास नहीं। जिनके पास ये खूबियां नहीं हैं उन्हें निराश होने की जरुरत नहीं है। अपनी पर्सनेलिटी में थोड़ा सा सुधार कर वे भी इस काबिल बन सकते हैं।
चलिए जान लेते हैं कि आखिर क्या हैं वे बातें जिनसे लड़कियां होती हैं इंप्रेस।
अकड़ू : लड़कियां हमेशा ऐसे लड़कों की तरफ ध्यान देती हैं जो उन्हें भाव ही न दें, जिनकी लड़कियों में कोई खासी रुचि ही न हो। तो अगर आपकी लड़कियों को देखकर मचल जाने की प्रवृत्ति है तो जरा संभल जाइए और अपनी भावनाओं पर काबू रखिए। एकदम से उनके सामने ऐसा बिहेव मत कीजिए जिससे उन्हें लगे कि आप उन्हें पसंद करते हैं।
दबंग : लड़कियों को लड़कों का कॉन्फिडेंट नेचर बहुत भाता है। उन्हें शर्मीले और संकोची लड़के बिल्कुल पसंद नहीं हैं। इसलिए कभी भी बात करने में हिचकिचाएं नहीं और खुलकर अपनी बात कहें।
शरीफ : लड़कियां ऐसे लड़कों की तरफ आकर्षित होती हैं जो माचो प्लस जेंटलमेन हों। जो स्वभाव से सरल, सीधे हों लेकिन जरुरत पड़ने पर आक्रामक रुख भी अपना सकें। ऐसे लड़कों के साथ वे खुद को प्रोटेक्टिव फील करती हैं।
गंभीर : लड़कियों को पीछे लगने वाले लड़के कतई पसंद नहीं हैं जो आई लव यू कहते हुए उनके पीछे घूमते रहें। उन्हें वे लड़के पसंद आते हैं जो अपने आत्मसम्मान को बनाए रखें। अगर आपने अपनी फीलिंग्स उन्हें बता दी है तो उनसे हर समय उसका जबाब न मांगें।
इन सब के अलावा लड़कियां लड़कों की कुछ स्पेशल क्वॉलिटीज( सिंगिंग, डांसिंग, पेंटिंग जैसा कुछ भी), स्टाइल स्टेटमेंट और मैनेरिज्म की भी कायल होती हैं। रखिए इन खास टिप्स को अपनी जेब में ताकि अगली बार जब लड़की रिझाने का मौका मिले तो आप ही बाजी मार ले जाएं।
जिंदगी के 9 जादुई मंत्र
हम हमेशा सोचते हैं कि काश हमारे पास जादू का कोई मंत्र होता, जिससे हम अपनी जिंदगी बेस्ट बना लेते। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने नौ ऐसे ही मंत्रों का पता लगाया है, जो आपकी लाइफ में खुशियां भर देंगे। तो इन मंत्रों को जानकर आप इन्हें अपनी लाइफ में फूंक लें...
ऐश करें: जिंदगी में कुछ भी हो जाए, लेकिन ऐश करने का फंडा कभी न छोड़ें। जिंदगी को जितना मस्ती से जीएंगे, यह आपको उतनी ही अजीज लगेगी। ऐसे में जिंदगी का कोई भी पल जीना आपको भारी नहीं लगेगा। बस हर पल को यही सोचकर जीएं कि इसमें ही पूरी लाइफ जीनी है और अगला पल पता नहीं, हो या न हो।
गलती भूलें, सबक नहीं: जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो दूसरों की गलतियों को इग्नोर करना सीखें। इस तरह की सोच आपको हमेशा सभी के करीब रखेगी और जितना मजबूत आपका दायरा होगा, आपकी जिंदगी की इमारत उतनी ही मजबूत होगी। हालांकि अपनी गलतियों से सीखे सबक आपको कभी नहीं भूलने हैं और हमेशा कोशिश करें कि एक बार जो गलती आपसे हो गई है, उसे आप दोहराएं नहीं।
शॉर्टकट चलता है: जरूरी नहीं कि हमेशा लंबा रास्ता ही सही होता है। आखिर जब जीने के लिए एक ही जिंदगी मिली है, तो कुछ स्टेप्स पर शॉर्टकट क्यों न आजमाए जाएं। इससे लाइफ में कुछ रोमांच आएगा, तो काम निकालने व करने के और तरीकों की जानकारी भी आपको मिलेगी।
जो होगा देखा जाएगा: हर बात पर यह न सोचें कि अब क्या होगा। याद रखें कि आपके हाथ में मौजूदा वक्त में कर्म करना है। इसका फल क्या मिलेगा, यह आप नहीं जानते। इसलिए हर बात पर नतीजों के बारे में ही न सोचते रहें, बल्कि आगे बढ़कर थोड़ा रिस्क लें और कुछ डिफरंट ट्राई करें। हालांकि इस दौरान अपने विवेक व बुद्धि का पूरा इस्तेमाल करें।
टेक इट ईजी: क्या आपको हर बात एक पहाड़ लगती है? अगर हां, तो आप इस बात से भी सहमत होंगे कि इस एटिट्यूड की वजह से आप कोई भी काम आराम से रिलैक्स मूड में नहीं कर पाते होंगे और हर वक्त किसी न किसी चिंता में घुलते रहते होंगे। ऐसे में इस बात को भुलाकर चीजों को फ्री माइंड से लेना सीखें। कुछ दिनों तक इस मंत्र को आजमाएं और फिर देखें कि आपकी जिंदगी कितनी आसान हो जाती है।
रात गई बात गई: हर बात को पकड़कर बैठना अच्छी आदत नहीं है। अगर आप किसी बात पर छह महीने बाद भी लड़ते हैं, तो जरा ध्यान दें कि आप खुद ही अपनी जिंदगी कम कर रहे हैं। ऐसे में छोटी-मोटी बातों को मुद्दा न बनाएं और बातों को भुलाना सीखें। एक बार जो टॉपिक आपने छोड़ दिया है, उसके बारे में दोबारा बात ना करना ही बेहतर है।
हम सब इंसान हैं: जिंदगी जीने का सबसे सही फंडा है कि सभी को बराबर लेकर चला जाए। जब आप किसी से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और सभी को एक दर्जे से देखेंगे, तमाम लोग आपसे प्यार रखेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा इससे आपको लोगों को स्वीकार करने में आसानी होगी और आप उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं रखेंगे। जब आपकी अपेक्षाएं छोटी होंगी, तो दूसरों से प्यार खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा।
सबसे बड़ा रुपैया: जिंदगी में आपके साथ कोई और हो न हो, लेकिन रुपये के चक्र का आपके फेवर में घूमना जरूरी है। अगर यह नहीं घूमा, तो आपकी किस्मत भी रुक जाएगी। इसलिए इस मंत्र को याद रखें और हमेशा पैसे की अहमियत को पहचान कर चलें। कभी इसे खराब न करें, क्योंकि इसके साथ छोड़ देने से तमाम खुशियां और साथी आपका साथ छोड़कर चले जाएंगे।
आगे की सोचो: जो बीत गया, वो बीत गया और जो आने वाला है, उसे आपको अच्छा बनाना है। 'बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध लेय' के मंत्र के साथ जिंदगी जीने से आप बीती बातों के भंवर में नहीं फंसेंगे और जब आपका फोकस बेहतरीन भविष्य बनाने पर होगा, तो बेकार की बातों पर आपका ध्यान ही नहीं जाएगा।
बीता वक्त दोबारा नहीं आता: कहते हैं ना कि जो वक्त को बर्बाद करता है, एक दिन वक्त उसे बर्बाद कर देता है। इसलिए वक्त की ताकत का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और इसके सदुपयोग की कोशिश करनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आपने एक भी मिनट खराब नहीं करना है और हर पल अपने या दूसरों के लिए कुछ अच्छा ही करना है।
ऐश करें: जिंदगी में कुछ भी हो जाए, लेकिन ऐश करने का फंडा कभी न छोड़ें। जिंदगी को जितना मस्ती से जीएंगे, यह आपको उतनी ही अजीज लगेगी। ऐसे में जिंदगी का कोई भी पल जीना आपको भारी नहीं लगेगा। बस हर पल को यही सोचकर जीएं कि इसमें ही पूरी लाइफ जीनी है और अगला पल पता नहीं, हो या न हो।
गलती भूलें, सबक नहीं: जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो दूसरों की गलतियों को इग्नोर करना सीखें। इस तरह की सोच आपको हमेशा सभी के करीब रखेगी और जितना मजबूत आपका दायरा होगा, आपकी जिंदगी की इमारत उतनी ही मजबूत होगी। हालांकि अपनी गलतियों से सीखे सबक आपको कभी नहीं भूलने हैं और हमेशा कोशिश करें कि एक बार जो गलती आपसे हो गई है, उसे आप दोहराएं नहीं।
शॉर्टकट चलता है: जरूरी नहीं कि हमेशा लंबा रास्ता ही सही होता है। आखिर जब जीने के लिए एक ही जिंदगी मिली है, तो कुछ स्टेप्स पर शॉर्टकट क्यों न आजमाए जाएं। इससे लाइफ में कुछ रोमांच आएगा, तो काम निकालने व करने के और तरीकों की जानकारी भी आपको मिलेगी।
जो होगा देखा जाएगा: हर बात पर यह न सोचें कि अब क्या होगा। याद रखें कि आपके हाथ में मौजूदा वक्त में कर्म करना है। इसका फल क्या मिलेगा, यह आप नहीं जानते। इसलिए हर बात पर नतीजों के बारे में ही न सोचते रहें, बल्कि आगे बढ़कर थोड़ा रिस्क लें और कुछ डिफरंट ट्राई करें। हालांकि इस दौरान अपने विवेक व बुद्धि का पूरा इस्तेमाल करें।
टेक इट ईजी: क्या आपको हर बात एक पहाड़ लगती है? अगर हां, तो आप इस बात से भी सहमत होंगे कि इस एटिट्यूड की वजह से आप कोई भी काम आराम से रिलैक्स मूड में नहीं कर पाते होंगे और हर वक्त किसी न किसी चिंता में घुलते रहते होंगे। ऐसे में इस बात को भुलाकर चीजों को फ्री माइंड से लेना सीखें। कुछ दिनों तक इस मंत्र को आजमाएं और फिर देखें कि आपकी जिंदगी कितनी आसान हो जाती है।
रात गई बात गई: हर बात को पकड़कर बैठना अच्छी आदत नहीं है। अगर आप किसी बात पर छह महीने बाद भी लड़ते हैं, तो जरा ध्यान दें कि आप खुद ही अपनी जिंदगी कम कर रहे हैं। ऐसे में छोटी-मोटी बातों को मुद्दा न बनाएं और बातों को भुलाना सीखें। एक बार जो टॉपिक आपने छोड़ दिया है, उसके बारे में दोबारा बात ना करना ही बेहतर है।
हम सब इंसान हैं: जिंदगी जीने का सबसे सही फंडा है कि सभी को बराबर लेकर चला जाए। जब आप किसी से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और सभी को एक दर्जे से देखेंगे, तमाम लोग आपसे प्यार रखेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा इससे आपको लोगों को स्वीकार करने में आसानी होगी और आप उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं रखेंगे। जब आपकी अपेक्षाएं छोटी होंगी, तो दूसरों से प्यार खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा।
सबसे बड़ा रुपैया: जिंदगी में आपके साथ कोई और हो न हो, लेकिन रुपये के चक्र का आपके फेवर में घूमना जरूरी है। अगर यह नहीं घूमा, तो आपकी किस्मत भी रुक जाएगी। इसलिए इस मंत्र को याद रखें और हमेशा पैसे की अहमियत को पहचान कर चलें। कभी इसे खराब न करें, क्योंकि इसके साथ छोड़ देने से तमाम खुशियां और साथी आपका साथ छोड़कर चले जाएंगे।
आगे की सोचो: जो बीत गया, वो बीत गया और जो आने वाला है, उसे आपको अच्छा बनाना है। 'बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध लेय' के मंत्र के साथ जिंदगी जीने से आप बीती बातों के भंवर में नहीं फंसेंगे और जब आपका फोकस बेहतरीन भविष्य बनाने पर होगा, तो बेकार की बातों पर आपका ध्यान ही नहीं जाएगा।
बीता वक्त दोबारा नहीं आता: कहते हैं ना कि जो वक्त को बर्बाद करता है, एक दिन वक्त उसे बर्बाद कर देता है। इसलिए वक्त की ताकत का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और इसके सदुपयोग की कोशिश करनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आपने एक भी मिनट खराब नहीं करना है और हर पल अपने या दूसरों के लिए कुछ अच्छा ही करना है।
अगर मानना हो श्रीमती जी को
पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा निराला होता है। यह एक मात्र ऐसा रिश्ता है जिसमें केवल दो व्यक्ति हीं एक दूसरे को समझते और ख्याल रखते हैं। एक मात्र इसलिए क्योंकि बाकी के रिश्ते में दो से ज़्यादा लोग हो सकते हैं। जैसे माँ बेटे के रिश्ते मे माँ तो एक होगी पर बेटे या बेटियाँ 1 से ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में पति और पत्नी के बीच अगर मन मुटाव हो जाए तो आप अकेले ही मूंह लटकाए गुम-सुम से रहने लगते हैं। आप सोचते हैं कि अपनी समस्या को किससे बताऊं, कहां जाऊं, क्या करूँ, कुछ भी समझ में नहीं आता। आप मूँह मत लटकाएं, बस कुछ ज़रूरी बातों पर ध्यान दे कर आप ना केवल अपनी परेशानी को छू-मंतर कर सकते हैं बल्कि आप अपनी धर्म-पत्नी का भरपूर प्यार भी पा सकते हैं।
सबसे पहले तो आप इस कारण का पता लगाइए कि आपकी मैडम आपसे नाराज़ क्यों हैं।
जब आपको ऐसा लगे की गलती आपकी है, तो बिना कुछ सोचे और झिझके उनसे वादा कीजिए की अब अगली बार ऐसी गलती कभी नही होगी और अगर आपकी गलती नही है, तो भी आप उनकी बात का बुरा नही मान सकते, क्योंकि नाराज़ आप नहीं, आज तो वो आपसे नाराज़ हैं। प्यार से उनके करीब जाइए और आँखें नीची कर के कहिए जानू, “मैं जनता हूँ की आप मुझसे नाराज़ हैं, पर मैने गलती जान बूझ के थोड़े ही की, वो तो मेरी किस्मत ही खराब है, जो मुझसे गलती हो जाती है”। यकीन मानिए आपकी मोहतर्मा तुरंत पसीज जाएँगी । अरे भाई! वो कोई पत्थर दिल थोड़े ही हैं।
पत्नी की नाराज़गी का स्तर जानिए।
चुप-चाप जिस तरह डॉक्टर थर्मामीटर से बुखार मापता है, उसी तरह आप भी अपनी प्यारी मुमताज़ के गुस्से का अंदाज़ा लगाएं की उनका गुस्सा किस आसमान पर है। जब आपको ये लगे की पत्नी ने न बोलने की कसम खा रखी है और आपको सुन भी नही रही, तो आप ऐसा मत समझिए की वो सही में आपको नही सुन रही। इसलिए कुछ ऐसा ना बोलें की आपकी शामत आ जाए और सारा गुस्सा, नाराज़गी वो हाथों से उतारने लगें । घर को तितर-बितर कर के वो आपको हिला भी सकती है। अतः आप सावधान रहें।
कुछ समय का विश्राम दें।
जब आपको ये लगने लगे कि आपकी पत्नी ने नहीं बोलने की कसम खा रखी है तब आप भला क्या कर सकते हैं, पर यह बोलते हुए की मेरी जगह खुद को रख कर देखो कि आपके इस व्यवहार से मुझे कैसा लगेगा। आप बार-बार यह साबित करने की कोशिश कीजिए कि आप ने अंजाने में उनको नाराज़ किया है।
कुछ ऐसा करें की आपकी बेगम को हंसी फूटने लगे।
आप बच्चों को कोई चुटकुला या कोई गीत, कोई छोटी कहानी सुनाएं और साथ ही यह भी सुना कर कहें कि “मेरी कोई फीस नहीं है, खास कर वो जो मुझसे नाराज़ हैं”। आप ये कहें कि घर को आपकी पत्नी की कितनी बड़ी ज़रूरत है, उनके ऐसे व्यवहार से कितना बुरा माहौल बन गया है।
आप क्या बिल्कुल ना करें।
पत्नी अगर नाराज़ हैं, तो किसी अन्य से उनकी शिकायत न करें।
कभी भी गुस्से से बात न करें।
अपनी आवाज़ मे कड़वाहट न लाएं।
पत्नी को अकेला कभी ना छोड़ें।
अकेले खाना ना खाएँ, ना उनको खाने दें। साथ मे ही खाने की कोशिश करें।
आप ये भ्रम ना पलें कि आपकी पत्नी खुद ही मान जाएँगी।
आप ग़लती से भी उनको ग़लत साबित करने के लिए तर्क ना दें।
आप शेर बिल्कुल न बने। भीगी बिल्ली बनने मे ही आपकी भलाई है।
बस आप भगवान से दुआ करते रहें की आपकी लक्ष्मी जल्दी से नाराज़गी खत्म कर के आप पर खुशियों की बारीश करना शुरु कर दें।
सबसे पहले तो आप इस कारण का पता लगाइए कि आपकी मैडम आपसे नाराज़ क्यों हैं।
जब आपको ऐसा लगे की गलती आपकी है, तो बिना कुछ सोचे और झिझके उनसे वादा कीजिए की अब अगली बार ऐसी गलती कभी नही होगी और अगर आपकी गलती नही है, तो भी आप उनकी बात का बुरा नही मान सकते, क्योंकि नाराज़ आप नहीं, आज तो वो आपसे नाराज़ हैं। प्यार से उनके करीब जाइए और आँखें नीची कर के कहिए जानू, “मैं जनता हूँ की आप मुझसे नाराज़ हैं, पर मैने गलती जान बूझ के थोड़े ही की, वो तो मेरी किस्मत ही खराब है, जो मुझसे गलती हो जाती है”। यकीन मानिए आपकी मोहतर्मा तुरंत पसीज जाएँगी । अरे भाई! वो कोई पत्थर दिल थोड़े ही हैं।
पत्नी की नाराज़गी का स्तर जानिए।
चुप-चाप जिस तरह डॉक्टर थर्मामीटर से बुखार मापता है, उसी तरह आप भी अपनी प्यारी मुमताज़ के गुस्से का अंदाज़ा लगाएं की उनका गुस्सा किस आसमान पर है। जब आपको ये लगे की पत्नी ने न बोलने की कसम खा रखी है और आपको सुन भी नही रही, तो आप ऐसा मत समझिए की वो सही में आपको नही सुन रही। इसलिए कुछ ऐसा ना बोलें की आपकी शामत आ जाए और सारा गुस्सा, नाराज़गी वो हाथों से उतारने लगें । घर को तितर-बितर कर के वो आपको हिला भी सकती है। अतः आप सावधान रहें।
कुछ समय का विश्राम दें।
जब आपको ये लगने लगे कि आपकी पत्नी ने नहीं बोलने की कसम खा रखी है तब आप भला क्या कर सकते हैं, पर यह बोलते हुए की मेरी जगह खुद को रख कर देखो कि आपके इस व्यवहार से मुझे कैसा लगेगा। आप बार-बार यह साबित करने की कोशिश कीजिए कि आप ने अंजाने में उनको नाराज़ किया है।
कुछ ऐसा करें की आपकी बेगम को हंसी फूटने लगे।
आप बच्चों को कोई चुटकुला या कोई गीत, कोई छोटी कहानी सुनाएं और साथ ही यह भी सुना कर कहें कि “मेरी कोई फीस नहीं है, खास कर वो जो मुझसे नाराज़ हैं”। आप ये कहें कि घर को आपकी पत्नी की कितनी बड़ी ज़रूरत है, उनके ऐसे व्यवहार से कितना बुरा माहौल बन गया है।
आप क्या बिल्कुल ना करें।
पत्नी अगर नाराज़ हैं, तो किसी अन्य से उनकी शिकायत न करें।
कभी भी गुस्से से बात न करें।
अपनी आवाज़ मे कड़वाहट न लाएं।
पत्नी को अकेला कभी ना छोड़ें।
अकेले खाना ना खाएँ, ना उनको खाने दें। साथ मे ही खाने की कोशिश करें।
आप ये भ्रम ना पलें कि आपकी पत्नी खुद ही मान जाएँगी।
आप ग़लती से भी उनको ग़लत साबित करने के लिए तर्क ना दें।
आप शेर बिल्कुल न बने। भीगी बिल्ली बनने मे ही आपकी भलाई है।
बस आप भगवान से दुआ करते रहें की आपकी लक्ष्मी जल्दी से नाराज़गी खत्म कर के आप पर खुशियों की बारीश करना शुरु कर दें।
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