Saturday, 30 July 2011

फ्लर्टिंग में लिमिट्स हैं जरूरी

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किसी इंसान के फ्लर्ट या छेड़खानी करने और सेक्शुअली अटैक करने में काफी फर्क होता है। अक्सर लोग इसका सही अंदाजा नहीं लगा पाते और नतीजा होती हैं इमेज खराब करने वाली कंट्रोवर्सीज। आइए, एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि फ्लर्टिंग में कहां लाइन खींचने की जरूरत है :

किसी से मिलने-जुलने और हेल्दी फ्लर्टिंग में हालांकि कोई बुराई नहीं है, लेकिन बिहेवियर की लिमिट्स जानना जरूरी है। दरअसल, छेड़खानी या फ्लर्टिंग का मतलब सिर्फ बोलकर छेड़ना या फिर हंसी-मजाक करने तक ही सीमित है।

खास बात यह है कि इसमें दोनों पार्टियां एंजॉय करती हैं। हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी बातों के दौरान कब किसकी नीयत बदल जाए।

पिछले कुछ दिनों से चर्चा में चल रहे फ्रांस के प्रेजिडेंशल कैंडिडेट और इंटरनैशनल मोनेट्री फंड के हेड डोमिनिक स्ट्रास कान को ही लें। वह न्यू यॉर्क की एक होटेल मेड के साथ रेप की कोशिश के बाद सुर्खियों में हैं।

हालांकि अभी यह पता नहीं लग पाया है कि कान ने वाकई गलती की थी या फिर वह पॉलिटिक्स के शिकार हो गए हैं। लेकिन इस घटना के बाद यह मुद्दा जरूर उभर कर आया है कि ऐसी कंट्रोवर्सीज से बचने के लिए सामने वाले के व्यवहार को परखना और खुद का बिहेवियर बैलेंस्ड रखना जरूरी है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर किसी व्यक्ति की गलत हरकतों को छेड़खानी समझकर इग्नोर कर दिया जाता है, जबकि दोनों चीजों में काफी फर्क है। अगर समय रहते इन्हें चेक न किया जाए, तो वह डेकोरम छोड़कर सेक्शुअल अटैक पर भी आ सकता है।

देखने में आया है कि जो लोग लगातार फ्लर्ट या छेड़खानी करते रहते हैं, उनमें सेक्शुअल अटैक की इच्छाएं पनपने लगती हैं।

क्रॉस द लाइन
सायकायट्रिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी कहते हैं कि संभावित सेक्शुअल असॉल्टर को पहचानने के लिए आपको कुछ खास चीजों का ख्याल रखना होगा। वह शुरुआत में एकदम हमला करने की बजाय डबल मीनिंग बातें करेगा। बकौल डॉ. शेट्टी, 'आप उसे जितनी जल्दी पहचान लेंगे उतना अच्छा होगा। ऐसा इंसान अपनी असली इच्छा जाहिर करने की बजाय आपसे मिलने के बहाने ढूंढेगा।

मसलन वह आपसे कहेगा कि मेरी गर्लफ्रेंड या वाइफ बेहद बोरिंग है, अगर तुम साथ आ जाओ तो मजा आ जाएगा या फिर मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ आता हूं या मैं तुम्हारे लिए हमेशा तैयार हूं।'

यानी अगर कोई आपसे अचानक इस तरह की बातें करने लगे, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। इस दौरान वह फ्लर्ट नहीं, बल्कि आपके साथ कुछ और करने की सोच रहा है। ऐसे में इंसान की बॉडी लैंग्वेज भी बदल जाती है। इसलिए आपको भी आने वाले खतरे का अंदाजा हो जाना चाहिए। अगर कोई मजाक में या किसी और बहाने से बार-बार आपको टच करने की कोशिश कर रहा है, तो आपको उसके खतरनाक इरादों को फौरन भांप जाना चाहिए।

पावरफुल से संभलकर
खासकर ऊंची पोजिशन वाले लोग ऐसी हरकतें करने में कतई नहीं हिचकिचाते। शेट्टी पंजाब पुलिस के एक्स डीजीपी केपीएस गिल का उदाहरण देते हैं। वह बताते हैं, 'उन्होंने एक पार्टी में सीनियर आईएएस ऑफिसर रुपेन देओल के साथ मिसबिहेव किया। रुपेन ने उनके खिलाफ केस कर दिया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने गिल को सजा दी।'

दरअसल, ऊंची पोजिशन पर बैठे लोग अक्सर यही सोचते हैं कि उनके जूनियर उनकी बदतमीजी सहन कर लेंगे और शिकायत नहीं करेंगे, इसलिए उन पर हाथ डालना आसान है। इसी वजह से वे उनसे बिना हिचक गलत व्यवहार कर बैठते हैं। अगर आपका सीनियर आपको जरा भी गलत नजर से देखता है या फिर ऐसी कोई कोशिश करता है, तो आप सावधान हो जाएं और सीनियर ऑफिसर्स से उसकी कंप्लेंट करें।

ऑफिस डेकोरम
ऑफिसों में सेक्शुअल हरासमेंट काफी कॉमन है। यहां सामने वाला आपकी ड्रेस को लेकर कॉमेंट से लेकर आपके बॉडी पार्ट्स से छेड़खानी तक कुछ भी कर सकता है। एचआर कंसलटेंट शिशिर दवे कहते हैं, 'कलीग्स के बीच इतना मजाक ठीक है कि उससे किसी को नुकसान न हो, लेकिन अगर कोई किसी को लगातार टारगेट करे और सेक्शुअल डिमांड करे, तो यह बर्दाश्त के बाहर होगा। भले ही ऑफिस में आपको कोई कुछ नहीं कहता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप बेलगाम हो जाएं। आखिरकार ऑफिस में आपसे एक प्रफेशनल डेकोरम की उम्मीद की जाती है।'

फिर होता है एक्शन
हालांकि कई बार लोग ऐसे रिमार्क कर देते हैं, जो वे करना नहीं चाहते या उनकी वैसा कुछ कहने की उनकी मंशा नहीं होती। ऐसे में एचआर और सेंसिटिव एंप्लॉई इस बात का ख्याल रखते हैं कि एक गलत हरकत से किसी को नुकसान न हो। हालांकि अगर कोई एंप्लॉई लगातार ऐसा कर रहा है, तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। बकौल दवे, 'अगर कोई लगातार उलटी-सीधी हरकतें कर रहा है, तो उसे मेमो जारी किया जाता है। और अगर किसी ने फिजिकली छेड़छाड़ की है, तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। खासकर कॉल सेंटर्स में ज्यादातर एंप्लॉइज ऐसे होते हैं, जो कॉलेज से निकल कर सीधा ऑफिस जॉइन कर लेते हैं। ऐसे में उनका काफी ध्यान रखना होता है। तभी उन्हें साफतौर पर बता दिया जाता है कि आपका बॉस फ्रेंडली जरूर है, लेकिन फ्रेंड नहीं।'

यानी मतलब साफ है कि आपको अपने व्यवहार के साथ दूसरे के बिहेवियर की लिमिट्स भी पता होनी चाहिए। अगर आपने किसी बात के लिए एक बार ना कर दिया है, तो उसे कभी हां में ना बदलें। फ्लर्टिंग हेल्दी लिमिट्स तक ही ठीक है, क्योंकि इसके बाद अनवॉन्टेड सिचुएशंस का जाल बिछने लगता है

Thursday, 28 July 2011

ब्लाइंड डेट

आजकल का दौर डेटिंग का है। आज का युवा वर्ग डेटिंग के जरिए अपने होने वाले हमसफर के बारे में सबकुछ जान-समझ लेना चाहता है। आज कल के युगल जोड़ों में डेटिंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। इन सबमें एक नया ट्रेंड दिखाई पड़ रहा है और वह है ब्लाइंड डेट। ब्लाइंड डेट यानी अनजान लड़के या लड़की से मिलना। आजकल ब्लाइंड डेट का बढ़ता क्रेज युवाओं को आपस में जोड़ रहा है। ब्लाइंड डेट में लड़का-लड़की पहली बार डेट पर जाते हैं लेकिन वे उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते। ब्लाइंड डेट दोस्तों के द्वारा भी अरेंज करवाई जाती हैं। हालांकि कुछ ब्लाइंड डेट्रस इंटरनेट चैटिंग, ऑनलाइन के जरिए, फोन या अन्य माध्यमों से भी आयोजित की जाती है। आइए जानें ब्लाइंड डेट के तथ्यों के बारे में।
  • ब्ला‍इंड डेट में अक्सर खतरा रहता है क्योंकि डेट पर जाने वाले दोनों ही व्यक्ति एक-दूसरे के बारे में एकदम अंजान है। दोनों अजनबी है लेकिन ब्लाइंड डेट के माध्यम से दोस्ती की पहल करने जा रहे है।
  • ब्लाइंड डेट परिवार के किसी सदस्य, दोस्तो या अन्य माध्यमों से आयोजित करवाई जाती है, ऐसे में कोई आपके साथ मजाक भी कर सकता है या फिर अपना बदला भी ले सकता है। ब्लाइंड डेट आमतौर पर भरोसमंद नहीं होती।
  • ब्लाइंड डेट के दौरान मिलने वाले दोनों लोगों के मन में डर और तनाव होता है और उन्हें कई सवाल एक साथ घेरे रहते हैं कि वह जिस व्यक्ति से मिलने जा रहे हैं आखिरकार वो होगा कैसा, वह कैसा दिखता होगा, वगैरह-वगैरह।
  • ये समझना मुश्किल होता है कि ब्लाइंड डेट सफल होगी न नहीं, क्योंकि यह मिलने वाले दोनों व्यक्तियों पर निर्भर करती है।
  • ब्लाइंड डेट भरोसेमंद नहीं होती, न ही इसे सुरक्षित डेट कहा जा सकता है।
  • हालांकि बहुत से लोग ब्लाइंड डेट को अच्छा  नहीं मानते लेकिन कुछ लोगों की नजरों में ब्लाइंड डेट का मजा ही कुछ और होता है।
  • ब्लाइंड डेट में पहले से सब तय होता है कि कहां मिलना है, कब मिलना है लेकिन जिन दो लोगों को मिलना है सिर्फ वही एक-दूसरे से अंजान होते है।
  • ब्लाइंड डेट में जाने से पहले कोशिश करनी चाहिए कि आप जिस व्यक्ति के साथ जा रहे हैं उसके बारे में पहले से उस व्यक्ति के बारे में कुछ जानकारी हासिल कर लें।
  • बहरहाल, ब्लाइंड डेट सफल हो या न हो लेकिन जीवन में रोमांच करने और कुछ अच्छे पल बिताने के लिए बहुत दिलचस्प चीज है।
  • कई बार ब्लाइंड डेट के माध्यम से दोनों व्यक्ति में इतनी गहरी दोस्ती हो जाती है कि वह जीवनभर चलती है।
ब्लाइंड डेट पर चाहे आप मौज मस्ती के नजरिए से जा रहे हो लेकिन कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। आप अपने किसी दोस्तं या विश्वासपात्र को बता कर जाएं कि आप कहां जा रहे हैं। लगातर अपने उस साथी के संपर्क में रहें और ब्लाइंड डेट पर बहुत ज्यादा खुलापन न दिखाएं।

नये संबंधों के 10 टिप्स

boy and girlचाहे समाज कितनी ही तरक्की क्यों  न कर लें लेकिन समाज रिश्तों पर ही टिका है और ये रिश्ते ही जीवन की बुनियाद हैं। आज कितने ही रिश्तें बनते-बिगड़ते है और यही प्रकृति का नियम भी है। लेकिन रिश्तों में शारीरिक संबंध ही महत्वपूर्ण नहीं बल्कि रिश्तों का बुनियादी ढांचा सामंजस्यतपूर्ण संबंधों पर टिका है। किसी भी नए संबंध में रोमांस होना जरूरी है। आइए जानते हैं नए संबंधों के 10 टिप्स कौन-कौन से हैं। किन टिप्स को आजमाकर आप अपने नए संबंधों को खुशहाल बना सकते हैं।

  • नए संबंधों के दौरान अपनी व्‍यक्तित्‍व को रहस्यमय बनाए रखें। अपने नए साथी से एकदम से अपने बारे में सब कुछ न बता दें। बल्कि धीरे-धीरे उसे आपके बारे में जानने का मौका दें।
  • किसी भी संबंध की शुरूआत झूठ से नहीं होनी चाहिए इसीलिए नए रिश्ते की शुरूआत झूठ से न करें।
  • आरंभ में अपने साथी को अपनी बातों का विश्वास दिलाएं। वह जो भी अपने बारे में बता रहा है उस पर अविश्वास न जताएं और उसे भरोसा दिलाने की कोशिश करें कि आप उस पर पूरा विश्वास करते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि अंधविश्वास करें।
  • रोमांटिक लाइफ जीने के लिए अपने साथी के साथ अधिक से अधिक समय बिताने की कोशिश करें जिससे आप उसे जान पाएं।
  • आपस में सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाने के लिए दोनों एक-दूसरे की पसंद-नापंसद तलाशने की कोशिश करें। जिसमें पहले एक-दूसरे की अच्छाइयों को जानें।
  • यदि आपके पार्टनर में कोई बुराई है तो उसे इस बात के लिए बार-बार ताने न दें बल्कि उसकी उस कमजोरी या बुराई को धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश करें।
  • एक-दूसरे की महत्वकांक्षाएं और सपनों को जानने की करें और उन्हें लगतार प्रोत्साहन भी देते रहें।
  • नए संबंधो में जरूरी हो जाता है कि आप अपने साथी की प्राथमिकताओं को जानें। वह किस चीज पर अधिक ध्यान देता है। अपने कैरियर पर, दोस्तों पर या आपसी रिश्तों पर। उसके लिए जीवन में क्या चीज अहम है।
  • यदि आपको अपने पार्टनर की कुछ खूबियां अच्छी लगती है तो उन्हें अपनाने की कोशिश करें व साथी की तारीफ करने से भी न चूके।
  • शुरूआत में शारीरिक संबंध बनाने की न सोचे। पहले मानसिक और भावनात्मक रूप से अपने साथी से जुड़े और उसे समझे।

इन दस टिप्स को आजमाकर आप न सिर्फ आप खुशहाल जीवन जी सकते हैं बल्कि एक रोमांटिक लाइफ का मजा भी ले सकते हैं।

संबंधों को रोचक कैसे बनायें

किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक चलाने के लिए यह जरूरी है कि उसमें नीरसता न आने दी जाए। इसके लिए जरूरी है समय-समय पर रिश्तों में रोमांच लाना। लंबे समय तक रूटीनवर्क में रहने के कारण हमारी जीवनशैली में थोडी नीरसता आ जाती है और हमारे संबंधों में भी। यदि आपके रिश्तों में नीरसता आ रही है तो समझें ले कि आपको संबंधों को रोचक बनाने की जरूरत है। रोचक घटनाओं को निरंतर जीवन में जगह दें। कभी-कभार ऐसे अनअपेक्षित काम कर दें जिससे आपके साथी की नाराजगी भी दूर और जाए और रिश्तों में ताजगी भी बरकरार रहे। प्रतिदिन के संबंधों में कुछ नयापन लेकर आएं। आइए जानें संबंधों को कैसे रोचक बनाया जा सकता है।

  • खुश रहने के लिए जरूरी है कि कभी-कभी ऐसे काम किए जाएं जो आपने कभी किए न हो।
  • कभी अगर आपको ख्याल आता है कि आपने बहुत दिनों से अपने साथी के साथ मिलकर कुछ रोमांच नहीं किया है, तो अपने संबंधों को तरोताजा करने के लिए आप वह काम कर सकते हैं जिसकी आपके साथी ने कभी उम्मीद न की हो।
  • ऑफिस से घर जल्दी पहुंचकर न सिर्फ अपने साथी को चौंका सकते हैं बल्कि बाहर घूमने की योजना बनाकर अपने साथी को खुश कर सकते हैं।
  • आपनी बातों में आ रही बोरियत को दूर करें और अपनी बातों को दिलचस्प बनायें। जिससे आपका साथी आपकी बातों में रूचि ले और उत्साह से बातचीत में अपनी भागीदारी भी दिखाएं।
  • अपने दिन प्रतिदिन के संबंधों में कुछ न कुछ उतार-चढ़ाव लाते रहे जिससे संबंधों में ताजगी बनी रहें।
  • अपने साथी से जबरन शारीरिक संबंध न बनाएं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करें कि आपका साथी खुद-ब-खुद सेक्‍स के लिए तैयार हो जाएं।
  • कभी कभार घर के बाहर खाने की योजना बनाएं और साथ ही कोई रोमांटिक फिल्म देखने जाएं।
  • समय-समय पर एडवेंचर करते रहें और समय मिलते ही डेटिंग भी करें।
  • संबंधों को रोचक बनाने के लिए कभी कैंडल लाइट डिनर किया जा सकता है तो कभी अपने साथी को ऐसी दिलचस्प  बाते बताई जा सकती हैं जो आपने कभी नहीं बताईं।
  • कभी-कभी कुछ रोचक खेल जिसमें दोनों के संबंधों में प्रगाढ़ता आती हो, खेलें जा सकते हैं या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के साथ मिलकर समय गुजारा जा सकता है, जिसके मिलने से दोनों को ही खुशी मिलती हो।
कहने का अर्थ है कि संबंधों को रोचक बनाने के लिए बहुत मेहनत करने की जरूरत नहीं होती। जरूरत है तो सिर्फ थोड़ा सा समय निकालने की और उस समय को अच्छे ढंग से व्यतीत करने की।

भावनात्मक असुरक्षा के लक्षण


स्लिम होना है तो डायटिंग नहीं व्यायाम भी करो

Girl doing execriseमोटापे से हर व्‍यक्‍ित स्लिम फिगर के साथ ही फिट बॉडी भी पाना चाहता है। ऐसे में आपको अपने आपको हेल्दी रखना होगा यानी आप हेल्दी है तो फिट है। मोटापा घटाने के लिए केवल डायटिंग तनावपूर्ण हो सकती हैं,इसीलिए स्लिम रहने के लिए आपको कुछ अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। वैसे आप आउटडोर खेल खेलकर भी अपना वजन कम कर सकते हैं लेकिन आपको खेलना पसंद नहीं है तो आप व्यायाम कर सकते हैं। आइए जानें स्लिम होने के लिए क्या-क्या करना चाहिए।

  • वजन कम करने के लिए सिर्फ डायटिंग करने से ही काम नहीं चलता बल्कि जरूरी है कि आप स्लिम होने के लिए कोई भी शॉर्टकट अपनाए बिना एक्सपर्ट की सलाह लें।
  • डायटिंग करके वजन कम करने के बजाय आपको स्लिम रहने के लिए एक खास किस्म की डाइट लेनी होती है,ऐसे में आप डायटिंग से भी बचेंगे और स्वस्थ भी रहेंगे।
  • वज़न कम करने के लिए सिर्फ डायट ही काफी नहीं है। बल्कि व्यायाम और एक्सरसाइज भी उतनी ही ज़रूरी होती हैं। इसके साथ ही आपको ये भी पता होना चाहिए कि आपको कब और कैसे, कितनी देर तक व्यायाम करना है।
  • व्यायाम करना वैसे भी स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभदायक हैं ऐसे में आप अगर अपना वजन कम करना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर व्यायाम करना जरूरी हैं। आपको अपनी डाइट में परिवर्तन लाना तो जरूरी है ही साथ ही प्रतिदिन व्यायाम करना भी जरूरी है।
  • प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा व्यायाम करें और कम से कम10 से 12 ग्लास पानी पिएं।
  • जब भी चलें, तेज-तेज कदमों से चलें। कम से कम 30 मिनट तक गहरी सांसे भरते हुए तेज़ कदमों से चलें।
  • खाना खाने के तुंरत बाद बैठे या सोएं नहीं बल्कि थोड़ी देर टहलें और अगर खाना खाने के बाद टहलना संभव न हो तो वज्रासन में बैठें।
  • व्यायाम को एक काम या बोझ की तरह न लें। बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यदि जिम न जा सकें तो घर में ही हल्का-फुल्का व्यायाम करें या फिर एरोबिक्स ज्वाइन करें।
  • गलत व्यायाम करने से अथवा गलत ढंग से करने पर व्यायाम का असर बुरा हो सकता है। कभी-कभी बात गंभीर भी हो सकती है। इसलिए व्यायाम शुरू करने से पूर्व फिटनेस एक्सपर्ट, ट्रेनर की सलाह लें। 
  • व्यस्त रहना भी स्लिम होने की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। आखिर काम करते-करते ज्यादा खाना तो नहीं खाया जा सकता। हां, खाली बैठे भोजन का ख्याल जरूर दिमाग में बार-बार आ सकता है।
अपनी जीवनशैली को योजनाबद्घ तरीके से सुचारू ढंग से चलाएं जिससे आप स्वस्थ , हेल्दी और फिट रह सकें।

Tuesday, 26 July 2011

रिश्तों को रखे जवां

loving couple
(pic: Gettyimages.com)
कई बार छोटी -छोटी बातों की वजह से रिलेशनशिप में बड़ी दरार आ जाती है। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखें, तो आपकी रिलेशनशिप हमेशा जवां रहेगी।

स्ट्रॉन्ग हो रिलेशनशिप
किसी भी रिलेशनशिप को बनाए रखने के लिए कम्यूनिकेशन के साथ- साथ समय देना भी बेहद जरूरी है। जरूरी नहीं कि आप इसके लिए बहुत ज्यादा समय निकालें, केवल कुछ मिनट का क्वॉलिटी टाइम ही आपकी रिलेशनशिप को मजबूती देने के लिए काफी है।

जारी रहे लेन-देन
कोई भी रिलेशनशिप एकतरफा चला पाना नामुमकिन है। एक बात मानकर चालिए कि जितना आप देंगे, उतना ही आपको अपने पार्टनर से मिलेगा। रिलेशनशिप में ऐसा लंबे समय तक चलना नामुमकिन है कि आपका पार्टनर तो आपको काफी रिस्पॉन्स दे रहा है, लेकिन आप उसके लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। आपसी प्यार को बनाए रखने के लिए आपको अपने पार्टनर से जितना मिल रहा है, उसे उससे ज्यादा लौटाने की कोशिश करें।

क्वॉलिटी टाइम
किसी भी संबंध को निभाने के लिए बहुत ज्यादा समय देने की जरूरत नहीं होती। कई कपल्स घंटों साथ समय बिताते हैं, लेकिन जब बात आपसी प्यार की होती है, तो वह उनके बीच बिल्कुल नहीं होता। एक बात का ध्यान रखें कि हर सक्सेसफुल रिलेशनशिप समझौते पर टिकी होती है, जिसमें दोनों की समझदारी व रिश्ते के प्रति रिस्पेक्ट बेहद काम आती है। एकतरफा प्यार रिलेशनशिप को ज्यादा दिन तक नहीं चला सकता। आपके संबंध होने चाहिए, जिसमें आप दोनों लोग कम्फर्ट व सेफ महसूस करें।

स्माइल जरूरी है
आपके रिश्ते में चाहे कितने भी डिफरेंस आ जाएं, लेकिन अपने पार्टनर को स्माइल देना न भूलें। स्माइल से आप कितनी भी खराब रिलेशनशिप में सुधार ला सकते हैं। यह एक ऐसा इंडिकेशन है, जो अच्छी फीलिंग्स को रिफ्लेक्ट करता है और आपके तनाव भरे संबंधों में ताजगी लाता है। इसलिए भले ही आप एक- दूसरे को समय न दें, बात न करें, लेकिन बीच- बीच में स्माइल जरूर देते रहें। यह आप दोनों के बीच नजदीकी लाने का काम करती है।

न करें तारीफ का इंतजार
कई बार लोग अपने पार्टनर से इस बात पर भी खफा रहते हैं कि वह उनकी तारीफ नहीं करता। अपनी तारीफ सुनने के लिए पार्टनर का इंतजार न करें। अपनी अच्छी बात उन्हें बताएं और उस बारे में उनकी राय जानें। इसी तरह अगर आपको अपने पार्टनर की कोई बात पसंद आती है, तो उन्हें यह बात बताना न भूलें। इस तरह आपके संबंधों में नजदीकी आएगी।