Thursday, 24 November 2011

जब करना हो लड़कियों को इंप्रेस



'वाउ यार क्या बॉडी है उसकी', 'ही इज़ सो क्यूट न', 'क्या गाता है यार' ऐसे कई वाक्य आपने अक्सर लड़कियों को कहते सुना ही होगा और लड़कियों को इंप्रेस करने का भी जरुर सोचा होगा।

लड़कियों को इंप्रेस करना भी एक कला है दोस्तों, जिसमें हर कोई माहिर नहीं होता। किसी के पास तो ये खूबियां गॉड गिफ्ट के रूप में होती हैं और किसी के पास नहीं। जिनके पास ये खूबियां नहीं हैं उन्हें निराश होने की जरुरत नहीं है। अपनी पर्सनेलिटी में थोड़ा सा सुधार कर वे भी इस काबिल बन सकते हैं।

चलिए जान लेते हैं कि आखिर क्या हैं वे बातें जिनसे लड़कियां होती हैं इंप्रेस।

अकड़ू : लड़कियां हमेशा ऐसे लड़कों की तरफ ध्यान देती हैं जो उन्हें भाव ही न दें, जिनकी लड़कियों में कोई खासी रुचि ही न हो। तो अगर आपकी लड़कियों को देखकर मचल जाने की प्रवृत्ति है तो जरा संभल जाइए और अपनी भावनाओं पर काबू रखिए। एकदम से उनके सामने ऐसा बिहेव मत कीजिए जिससे उन्हें लगे कि आप उन्हें पसंद करते हैं।

दबंग : लड़कियों को लड़कों का कॉन्फिडेंट नेचर बहुत भाता है। उन्हें शर्मीले और संकोची लड़के बिल्कुल पसंद नहीं हैं। इसलिए कभी भी बात करने में हिचकिचाएं नहीं और खुलकर अपनी बात कहें।


शरीफ : लड़कियां ऐसे लड़कों की तरफ आकर्षित होती हैं जो माचो प्लस जेंटलमेन हों। जो स्वभाव से सरल, सीधे हों लेकिन जरुरत पड़ने पर आक्रामक रुख भी अपना सकें। ऐसे लड़कों के साथ वे खुद को प्रोटेक्टिव फील करती हैं।

गंभीर : लड़कियों को पीछे लगने वाले लड़के कतई पसंद नहीं हैं जो आई लव यू कहते हुए उनके पीछे घूमते रहें। उन्हें वे लड़के पसंद आते हैं जो अपने आत्मसम्मान को बनाए रखें। अगर आपने अपनी फीलिंग्स उन्हें बता दी है तो उनसे हर समय उसका जबाब न मांगें।

इन सब के अलावा लड़कियां लड़कों की कुछ स्पेशल क्वॉलिटीज( सिंगिंग, डांसिंग, पेंटिंग जैसा कुछ भी), स्टाइल स्टेटमेंट और मैनेरिज्म की भी कायल होती हैं। रखिए इन खास टिप्स को अपनी जेब में ताकि अगल‍ी बार जब लड़की रिझाने का मौका मिले तो आप ही बाजी मार ले जाएं।

जिंदगी के 9 जादुई मंत्र

हम हमेशा सोचते हैं कि काश हमारे पास जादू का कोई मंत्र होता, जिससे हम अपनी जिंदगी बेस्ट बना लेते। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने नौ ऐसे ही मंत्रों का पता लगाया है, जो आपकी लाइफ में खुशियां भर देंगे। तो इन मंत्रों को जानकर आप इन्हें अपनी लाइफ में फूंक लें...

ऐश करें: जिंदगी में कुछ भी हो जाए, लेकिन ऐश करने का फंडा कभी न छोड़ें। जिंदगी को जितना मस्ती से जीएंगे, यह आपको उतनी ही अजीज लगेगी। ऐसे में जिंदगी का कोई भी पल जीना आपको भारी नहीं लगेगा। बस हर पल को यही सोचकर जीएं कि इसमें ही पूरी लाइफ जीनी है और अगला पल पता नहीं, हो या न हो।

गलती भूलें, सबक नहीं: जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो दूसरों की गलतियों को इग्नोर करना सीखें। इस तरह की सोच आपको हमेशा सभी के करीब रखेगी और जितना मजबूत आपका दायरा होगा, आपकी जिंदगी की इमारत उतनी ही मजबूत होगी। हालांकि अपनी गलतियों से सीखे सबक आपको कभी नहीं भूलने हैं और हमेशा कोशिश करें कि एक बार जो गलती आपसे हो गई है, उसे आप दोहराएं नहीं।

शॉर्टकट चलता है: जरूरी नहीं कि हमेशा लंबा रास्ता ही सही होता है। आखिर जब जीने के लिए एक ही जिंदगी मिली है, तो कुछ स्टेप्स पर शॉर्टकट क्यों न आजमाए जाएं। इससे लाइफ में कुछ रोमांच आएगा, तो काम निकालने व करने के और तरीकों की जानकारी भी आपको मिलेगी।

जो होगा देखा जाएगा: हर बात पर यह न सोचें कि अब क्या होगा। याद रखें कि आपके हाथ में मौजूदा वक्त में कर्म करना है। इसका फल क्या मिलेगा, यह आप नहीं जानते। इसलिए हर बात पर नतीजों के बारे में ही न सोचते रहें, बल्कि आगे बढ़कर थोड़ा रिस्क लें और कुछ डिफरंट ट्राई करें। हालांकि इस दौरान अपने विवेक व बुद्धि का पूरा इस्तेमाल करें।

टेक इट ईजी: क्या आपको हर बात एक पहाड़ लगती है? अगर हां, तो आप इस बात से भी सहमत होंगे कि इस एटिट्यूड की वजह से आप कोई भी काम आराम से रिलैक्स मूड में नहीं कर पाते होंगे और हर वक्त किसी न किसी चिंता में घुलते रहते होंगे। ऐसे में इस बात को भुलाकर चीजों को फ्री माइंड से लेना सीखें। कुछ दिनों तक इस मंत्र को आजमाएं और फिर देखें कि आपकी जिंदगी कितनी आसान हो जाती है।

रात गई बात गई: हर बात को पकड़कर बैठना अच्छी आदत नहीं है। अगर आप किसी बात पर छह महीने बाद भी लड़ते हैं, तो जरा ध्यान दें कि आप खुद ही अपनी जिंदगी कम कर रहे हैं। ऐसे में छोटी-मोटी बातों को मुद्दा न बनाएं और बातों को भुलाना सीखें। एक बार जो टॉपिक आपने छोड़ दिया है, उसके बारे में दोबारा बात ना करना ही बेहतर है।

हम सब इंसान हैं: जिंदगी जीने का सबसे सही फंडा है कि सभी को बराबर लेकर चला जाए। जब आप किसी से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और सभी को एक दर्जे से देखेंगे, तमाम लोग आपसे प्यार रखेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा इससे आपको लोगों को स्वीकार करने में आसानी होगी और आप उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं रखेंगे। जब आपकी अपेक्षाएं छोटी होंगी, तो दूसरों से प्यार खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा।

सबसे बड़ा रुपैया: जिंदगी में आपके साथ कोई और हो न हो, लेकिन रुपये के चक्र का आपके फेवर में घूमना जरूरी है। अगर यह नहीं घूमा, तो आपकी किस्मत भी रुक जाएगी। इसलिए इस मंत्र को याद रखें और हमेशा पैसे की अहमियत को पहचान कर चलें। कभी इसे खराब न करें, क्योंकि इसके साथ छोड़ देने से तमाम खुशियां और साथी आपका साथ छोड़कर चले जाएंगे।

आगे की सोचो: जो बीत गया, वो बीत गया और जो आने वाला है, उसे आपको अच्छा बनाना है। 'बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध लेय' के मंत्र के साथ जिंदगी जीने से आप बीती बातों के भंवर में नहीं फंसेंगे और जब आपका फोकस बेहतरीन भविष्य बनाने पर होगा, तो बेकार की बातों पर आपका ध्यान ही नहीं जाएगा।

बीता वक्त दोबारा नहीं आता: कहते हैं ना कि जो वक्त को बर्बाद करता है, एक दिन वक्त उसे बर्बाद कर देता है। इसलिए वक्त की ताकत का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और इसके सदुपयोग की कोशिश करनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आपने एक भी मिनट खराब नहीं करना है और हर पल अपने या दूसरों के लिए कुछ अच्छा ही करना है।

अगर मानना हो श्रीमती जी को

पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा निराला होता है। यह एक मात्र ऐसा रिश्ता है जिसमें केवल दो व्यक्ति हीं एक दूसरे को समझते और ख्याल रखते हैं। एक मात्र इसलिए क्योंकि बाकी के रिश्ते में दो से ज़्यादा लोग हो सकते हैं। जैसे माँ बेटे के रिश्ते मे माँ तो एक होगी पर बेटे या बेटियाँ 1 से ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में पति और पत्नी के बीच अगर मन मुटाव हो जाए तो आप अकेले ही मूंह लटकाए गुम-सुम से रहने लगते हैं। आप सोचते हैं कि अपनी समस्या को किससे बताऊं, कहां जाऊं, क्या करूँ, कुछ भी समझ में नहीं आता। आप मूँह मत लटकाएं, बस कुछ ज़रूरी बातों पर ध्यान दे कर आप ना केवल अपनी परेशानी को छू-मंतर कर सकते हैं बल्कि आप अपनी धर्म-पत्नी का भरपूर प्यार भी पा सकते हैं।
सबसे पहले तो आप इस कारण का पता लगाइए कि आपकी मैडम आपसे नाराज़ क्यों हैं।
जब आपको ऐसा लगे की गलती आपकी है, तो बिना कुछ सोचे और झिझके उनसे वादा कीजिए की अब अगली बार ऐसी गलती कभी नही होगी और अगर आपकी गलती नही है, तो भी आप उनकी बात का बुरा नही मान सकते, क्योंकि नाराज़ आप नहीं, आज तो वो आपसे नाराज़ हैं। प्यार से उनके करीब जाइए और आँखें नीची कर के कहिए जानू, “मैं जनता हूँ की आप मुझसे नाराज़ हैं, पर मैने गलती जान बूझ के थोड़े ही की, वो तो मेरी किस्मत ही खराब है, जो मुझसे गलती हो जाती है”। यकीन मानिए आपकी मोहतर्मा तुरंत पसीज जाएँगी । अरे भाई! वो कोई पत्थर दिल थोड़े ही हैं।
पत्नी की नाराज़गी का स्तर जानिए।
चुप-चाप जिस तरह डॉक्टर थर्मामीटर से बुखार मापता है, उसी तरह आप भी अपनी प्यारी मुमताज़ के गुस्से का अंदाज़ा लगाएं की उनका गुस्सा किस आसमान पर है। जब आपको ये लगे की पत्नी ने न बोलने की कसम खा रखी है और आपको सुन भी नही रही, तो आप ऐसा मत समझिए की वो सही में आपको नही सुन रही। इसलिए कुछ ऐसा ना बोलें की आपकी शामत आ जाए और सारा गुस्सा, नाराज़गी वो हाथों से उतारने लगें । घर को तितर-बितर कर के वो आपको हिला भी सकती है। अतः आप सावधान रहें।
कुछ समय का विश्राम दें।
जब आपको ये लगने लगे कि आपकी पत्नी ने नहीं बोलने की कसम खा रखी है तब आप भला क्या कर सकते हैं, पर यह बोलते हुए की मेरी जगह खुद को रख कर देखो कि आपके इस व्यवहार से मुझे कैसा लगेगा। आप बार-बार यह साबित करने की कोशिश कीजिए कि आप ने अंजाने में उनको नाराज़ किया है।
कुछ ऐसा करें की आपकी बेगम को हंसी फूटने लगे।
आप बच्चों को कोई चुटकुला या कोई गीत, कोई छोटी कहानी सुनाएं और साथ ही यह भी सुना कर कहें कि “मेरी कोई फीस नहीं है, खास कर वो जो मुझसे नाराज़ हैं”। आप ये कहें कि घर को आपकी पत्नी की कितनी बड़ी ज़रूरत है, उनके ऐसे व्यवहार से कितना बुरा माहौल बन गया है।
आप क्या बिल्कुल ना करें।
पत्नी अगर नाराज़ हैं, तो किसी अन्य से उनकी शिकायत न करें।
कभी भी गुस्से से बात न करें।
अपनी आवाज़ मे कड़वाहट न लाएं।
पत्नी को अकेला कभी ना छोड़ें।
अकेले खाना ना खाएँ, ना उनको खाने दें। साथ मे ही खाने की कोशिश करें।
आप ये भ्रम ना पलें कि आपकी पत्नी खुद ही मान जाएँगी।
आप ग़लती से भी उनको ग़लत साबित करने के लिए तर्क ना दें।
आप शेर बिल्कुल न बने। भीगी बिल्ली बनने मे ही आपकी भलाई है।
बस आप भगवान से दुआ करते रहें की आपकी लक्ष्मी जल्दी से नाराज़गी खत्म कर के आप पर खुशियों की बारीश करना शुरु कर दें।

लड़कियों का दिल कैसे जीते

लड़कों की आपसी बातचीत में लड़कियां तीन तरह की बताई जाती रही हैं, एक वे जिन पर आप जान छिड़कते हैं पर नजदीक नहीं फटक पाते, दूसरी जिनसे आप शादी करना चाहते हैं पर वे आपको देख कर नाक-भौं सिकोड़ लेती हैं और तीसरी वे जिनसे आपकी शादी हो जाती है। जिस पर आप जान छिड़कते हैं, उस लड़की को पटाना कोई आसान काम नहीं होता। यह तो वे भी जानते हैं, जिन्होंने लड़की पटाने में महारथ हासिल कर ली है। लड़कियां केवल सपनों में ही न रहें और आपको आपकी पसंद की लड़की हमसफर के रूप में मिल जाए, इसके लिए हम सुझाते हैं विशेषज्ञों की राय पर कुछ नुस्खे-

मुस्कुराएं
दोस्ताना माहौल के लिए मुस्कुराना तो पड़ेगा ही। खूबसूरत मुस्कान वातावरण को खुशनुमा बनाती है, यह तो देखा ही होगा आपने। हल्के-फुल्के माहौल में मुस्कुराहट बिखेर कर आप संदेश दे सकते हैं कि रास्ता क्लियर है। आपकी मुस्कुराहट को उधर कैसे लिया जा रहा है, यही आगे का रास्ता दिखाने के लिए काफी होगा। ज्यों ही मुस्कुराहट के बदले मुस्कान मिली, समझ लीजिए बाजी आपके हाथ में है।

माहौल को परखें
बिना सोचे समझे उठाया गया कदम आपके प्रेम को तबाह कर सकता है। इसलिए आस-पास देख कर ही बात आगे बढ़ाएं। यह नहीं कि वह मुस्कुरा दी तो आप उसके बस पीछे ही हो लिए। उसकी भंगिमाओं को पढ़िए। आसपास का जाएजा लीजिए और पिर कदम आगे बढ़ाइए।

सकुचाएं बिल्कुल नहीं
नो-नो, संकोची लोग तो प्रेम के पास फटक ही नहीं सकते। सटीक शब्दावली का प्रयोग करें और मौका मिलते ही दिल की बात बिना हिचकिचाए रख दें। ख्याली पुलाव पकाने वालों को कभी प्यार नहीं मिलता। थोड़ा आप खुलेंगे तभी तो सामने वाले को भी चांस लेने में झिझक नहीं होगी।

बॉडी लैंग्वेज को समझें
वह आपकी बात को किस अंदाज में ले रही है, यह तो उसकी बॉडी लैंग्वज और चेहरे के उतार-चढ़ाव से समझा जा सकता है। जो उसको अच्छा नहीं लगा उसके लिए झट से माफी मांग लीजिए। बस, यह समझते चलिए कि कब और कैसी बात को उसने पॉजिटिव रूप से लिया, उसी के अनुरूप आगे के व्यवहार को शेप देते रहिए। देखिए, बात बन ही जाएगी।

जल्दबाजी नहीं
प्रेम में जल्दबाजी कतई अच्छी नहीं होती। आपका उतावलापन उसको बुरा भी लग सकता है। धीरे-धीरे गहराई में जाने का प्रयास करें। सब कुछ करने के बाद भी यहां की फिसलन को नकारा नहीं जा सकता। उसकी तरफ से आपको खुश करने वाले संकेत मिल भी रहे हों तो भी आगे कदम उठाने में आप हड़बड़ाए नहीं। उतावलेपन से बनी-बनाई बात बिगड़ते देर नहीं लगेगी।

अच्छे श्रोता बनें
ज्यादा बोलने से बेहतर होता है, ज्यादा और ध्यान से सुनना। जिन बातों में आपकी रूचि न भी हो उनको पूरे मन से सुनने का ढोंग करें। जैसा कि सब जानते ही हैं, स्त्रियों को प्यार करते हुए भी घर/परिवार व दूसरी तमाम बातें याद आती रहती हैं। वह अपने भाई पर भी बोल कर डेटिग का पूरा वक्त बिता सकती है। और तो और कभी-कभी मार्केट या किसी खाने के चीज पर उनका ध्यान टिका रह सकता है, पर आपको अपनी ऊब को छिपाते हुए सब सुनने की कोशिश करनी होगी।

ड्रेसिग सेंस की तारीफ करें
उसके कपड़ों और जो रंग उसने पहने हैं उनकी तारीफ करें। यह तो तथ्य है कि हर किसी को अपनी तारीफ सुनना बहुत पसंद आता है। इसका दूसरा पक्ष यह भी कहा जा सकता है कि किसी की तारीफ करने में पैसा तो खर्च नहीं होता, फिर कोताही क्यों की जाए। खासकर जब यह मामला दिल का हो। यह भी जानने की कोशिश करें कि उसको कैसी ड्रेस पसंद है।

अंखियों से गोली मारें
आप जो भी बात करें, आंख में आंख डाल कर बात करने की कोशिश करें। जब आप आंख मिला कर बात करते हैं तो दोनों के बीच खास तरह का वाइब्रेशन होता है। धीरे-धीरे यह रूमानियत में बदलता जाएगा और आप महसूस करेंगे कि इसमें आपको काफी आनंद आ रहा है। इससे आपको उसकी आंखों को पढ़ने का मौका मिलेगा सो अलग।

बेचैन न हों
उत्साह में आ कर कुछ ऐसा न कर बैठें कि बना-बनाया मामला चौपट हो जाए। थोड़ा सब्र रखें। कुछ लड़कियां लड़कों को सिर्फ इसीलिए रिजेक्ट कर देती हैं क्योंकि उतावलेपन में वे कुछ ज्यादा ही ‘करीब’ आने की कोशिश कर डालते हैं। कहा जाता है न फूंक कर पीना ज्यादा ठीक है, वर्ना जीभ जल जाती है।

बोल हों चाशनी भरें
घबराइए नहीं, यहां चापलूसी से ही बात बनती है। जो भी बोलें वह सकारात्मक हो। आपकी बातों से वह प्रभावित हो तभी तो बात बनेगी। अच्छी और सकारात्मक बातों से उसको प्रभावित करें।

पॉजिटिव हों और मसखरी करें
पहले से मन में कोई नकारात्मक बात न लाएं। हल्के-फुल्के मजाक करें और उसका दिल छू लें। आपका सेंस ऑफ हूमर जितना गजब का होगा, लड़कियां आपके उतने ही करीब आएंगी। हल्का-फुल्का मजाक व मखौल वातावरण को ऊर्जावान बनाए रखता है। आपकी जो बात उसको नहीं पसंद आ रही है, उसको भी मजाक में उड़ाने से बात बन जाएगी।

पहल में न हिचकें
अगर वह आपकी पसंद है तो पहल आपको ही करनी होगी। रिश्ते भले ही ऊपर से बन के आते हों पर कदम तो आपको ही उठाना होगा। असफलता के भय से यदि अभी ही चुप्पी लगा कर बैठ गये तो फिर हाथ ही मलते रह जाएंगे।

हार कर जीतें
उसकी कोई बात आपको बुरी भी लग जाए तो दिल से न लगाएं। प्यार में कुछ कुर्बानी तो करनी ही पड़ती है। आपकी हार से वह खुश भी तो होगी और हो सकता है इसीसे आगे बात बन जाए। दिल से लगा कर बैठने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है इसलिए नजरंदाज कर दें ऐसी बातों को।

सच्चे और ईमानदार बनें
किसी भी रिश्ते की बुनियाद सच और ईमानदारी पर ही टिकी रहती है। इनका साथ कभी न छोड़ें। झूठ की बुनियाद पर रखी गई रिश्तों की नींव कभी भी दरक सकती है। जो जैसा ही वैसा ही बताएं। दुराव-छिपाव वैसे भी इस रिश्ते में ज्यादा देर नहीं चल सकता।

लव मैरिज से पहले कर लें तैयारी

प्यार (प्रेम) जितना पवित्र शब्द है उतने ही ज्यादा विवादों से हमेशा घिरा रहता है। बात अगर एक युवा जोड़े के प्रेम की हो तो वह शुरू से ही विवादों को झेलता आया है । प्यार करनेवालों के रास्ते में हमेशा से कोई न कोई दीवार बनती आयी है। बात चाहे लैला-मजनूं , सोनी-माहिवाल, रोमियो-जूलियट की हो या फिर आज के प्रेमी जोड़ों की । हर जगह कोई न कोई प्यार के बीच दीवार बनने का काम जरूर करता है लेकिन प्रेमी युगलों ने न तो कभी इनकी परवाह की और न ही आगे करने को तैयार है । पिछले कुछ महीनों से 'ऑनर किलिंग' खबरों में छाई रही है । कहीं पर एक गोत्र की वजह से तो कहीं जाति के कारण से प्रेमी जोड़े मौत के घाट उतारे गए लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद भी प्रेमी युगल डरे नहीं, उनका प्‍यार जारी है..

युवाओं के विचार

डीयू में पढ़नेवाली पूजा कहती है कि समझ में नहीं आता कि आज 21वीं सदी में लोग क्यों जाति और गोत्र जैसी दकियानूसी बातों को महत्व दे रहे हैं और इसके नाम पर बेवजह हत्याएं कर रहे हैं। पुराने ख्‍यालात वाले माता-पिता ऐसी घिनौनी हरकतों से न तो प्यार करनेवालों के इरादे कमजोड़ होनेवाले हैं और न ही वो प्यार करना छोड़ देंगे । प्यार जाति, धर्म और गोत्र देखकर नहीं होता, ये तो बस हो जाता है । कब और कैसे होता है पता ही नहीं चलता । अब सोचने वाली बात है कि कोई किसी की जाति और गोत्र देखकर तो उससे प्यार करेगा नहीं । प्यार और शादी इंसान से की जाती है, जाति और गोत्र से नहीं। प्रेमी बिना जाति-बंधन देखे प्यार करते थे, करते हैं और करते रहेंगे ।
आई पी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मीतू और उसके ब्यॉयफ्रेण्ड उत्सव का कहना है कि आज माता-पिता को अपने बच्चों को जीवनसाथी चुनने की खुली छूट देनी चाहिए । आज के जमाने में यह बहुत नैचुरल है कि लड़के-लड़कियों को कोई पसन्द आ जाए और वैसे भी जिन्दगी तो उन्हें बितानी है । हमारा संविधान हमें अपना जीवनसाथी चुनने और जीने की पूरी स्वतन्त्रता देता है । ऐसे में हम अपने निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतन्त्र हैं । जहां तक बात हम दोनों की है तो हमें आए दिन होने वाले ऑनर किलिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता, हम दोनों शादी करेंगे ।

प्यार में सब्र का फल होता है मीठा
एक प्रेमी जोड़े की कहानी
दो अलग-अलग मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले प्रीति और सिद्धार्थ का प्यार सात साल पुराना है और अब वे शादी करने वाले हैं । इन दोनों ने इन सात सालों में बहुत सारी चुनौतियों को झेला लेकिन आज वे दोनों परिवार की सहमति से विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे । प्रीति और सिद्धार्थ ने बताया कि उन्हें 11वीं में ही एक-दूसरे से प्यार हो गया था और दोनों तभी से एक-दूसरे के हो गए थे । चूंकि दोनों अलग-अलग जातियों के हैं और उनके परिवार वाले जातिवाद के घोर समर्थक थे तो इस वजह से उन्हें डर था कि कोई समस्या उनके सामने खड़ी न हो जाए । दोनों ने बहुत सूझ-बुझ से काम लिया। प्यार होने के कुछ समय बाद ही दोनों ने अपने परिवारवालों से सबकुछ सही-सही बता दिया । शुरू में माता-पिता बहुत भड़के लेकिन उन दोनों ने परिवारवालों को विश्वास दिलाया कि वो कुछ भी गलत नहीं करेंगे और नौकरी होने के बाद ही शादी के बारे में सोचेंगे । दो साल पहले नौकरी होने के बावजूद उनके परिवार वाले समाज और प्रतिष्ठा की वजह से अन्तरजातीय प्रेम विवाह के लिए राजी नहीं थे लेकिन प्रीति और सिद्धार्थ दोनों परिवारवाले को मनाने में जुटे रहें और अब वो अपने मकसद में कामयाब हो गए हैं । दोनों का यही कहना है कि करियर सेटल होने के बाद हम चाहते तो शादी कर सकते थे लेकिन इससे परिवार से हमारी दूरी बढ़ जाती और हम ये नहीं चाहते थे ।
दूसरे जोड़े की कहानीप्रेम के मामले में सब्र करना वाकई में फायदेमन्द होता है । बहुत सारे प्रेम विवाह करने वाले जोड़े इसके उदाहरण हैं । डेढ़ साल पहले परिवार की सहमति से अन्तरजातीय प्रेम विवाह करने वाले दीपक और मंजू ने परिवार की सहमति के लिए आठ साल तक लंबा इन्तजार किया और परिवारवालों को मनाने में सफल होकर शादी की। उन दोनों का कहना है कि माता-पिता के बगैर सहमति के भावावेश में आकर शादी कर लेने पर परिवार से रिश्ता टूट जाता है और पूरे जीवन इसकी बहुत कमी खलती है । इस वजह से शादी के बाद रिश्तों में बहुत ज्यादा दिक्कतें आती हैं । उनका कहना है कि प्रेम विवाह करना सही है लेकिन पारिवारिक सहमति भी जरूरी है । अगर परिवार की सहमति से प्रेम विवाह होता है तो शादी को सामाजिक मान्यता मिलती है और दोनों परिवार के साथ-साथ पति-पत्नी के रिश्ते बहुत मधुर होते हैं । उनका कहना है कि आप हरसम्भव प्रयासों से परिवारवाले को मनाने की कोशिश करें और उनकी सहमति से ही प्रेम विवाह करें । भले ही इसके लिए कुछ समय इंतजार क्‍यों न करना पड़े ।

करियर को न लगाए दांव पर
पहले प्यार होने पर प्रेमी जोड़े गलत और बेवकूफी भरे कदम उठाते थे । करियर की परवाह किए बगैर प्यार होते ही शादी करने के लिए बैचेन हो जाते थे और घरवालों के मना करने पर घर से भाग कर शादी कर लेते थे । उस स्थिति में उनके लिए पूरी जिन्दगी बिताना बहुत मुश्किल हो जाता है । आज के अधिकांश युवा प्यार के साथ-साथ करियर को बहुत महत्व देते हैं । करियर सेटल होने के बाद ही शादी के बारें में सोचते हैं । आज सभी लड़कियां चाहती हैं कि वो आत्मनिर्भर हो और उसका प्रेमी (होनेवाला पति) भी अच्‍छी जगह सेटल हो । लड़कियां दोनों परिवारों के बीच मधुर रिश्ता भी चाहती हैं । इस वजह से ही लड़कों की भी सोच बदली है और फलस्वरूप आज प्रेमी जोड़े परिवार और प्यार के बीच सन्तुलन बनाना सीख गए हैं । आज की नायिकाओं का ये जज्बा और बदलाव वाकई में काबिले तारिफ है ।

लव मैरिज के फायदे

* अंतरजातीय विवाह होने पर जाति प्रथा खत्म हो जाएगी *जाति, धर्म को लेकर होने वाले झगड़े खत्म हो जाएंगे ,असलियत में एकता आ जाएगी *दहेज प्रथा जैसी गम्भीर समस्या समाप्त हो जाएगी *माता-पिता को दहेज के लिए तनाव नहीं लेना पड़ेगा, इससे वे लड़कियों की पढ़ाई और करियर पर ज्यादा जोड़ देंगे । इससे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा ।*दहेज की वजह से पढ़े-लिखे अच्छे लड़कों को अच्छी लड़कियां नहीं मिल पाती हैं, वो सम्भव हो पाएगा *समझौते की बात नहीं रहेगी क्योंकि एक सोच वाले लोगों की शादी होगी *पहले से एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं, ऐसे में दूसरे घर में रहना आसान होगा *प्रेमविवाह होने पर महिलाओं का कम शोषण होगा । दहेज सम्बंधी हत्या, घरेलू हिंसा नहीं होंगी *एक सोच के लोगों की शादी होने पर कोई भी फैसला पति-पत्नी दोनों मिलकर करेंगे। ऐसा होने से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा
लव मैरिज के नुकसान
*तलाकों की संख्या में वृद्धि* पति-पत्‍नी में अहम का टकराव* छोटी-छोटी बातों पर आपस में तनाव* असुरक्षा की भावना * परिवार का सहयोग न मिलना* परिवार के बुजुर्गों के साए से बच्‍चों का महरूम होना * दो परिवारों के बीच तनाव* परंपराओं का टूटना *ऑनर किलिंग में वृद्धि * मन में आत्‍महत्‍या के भाव का पनपता
अरेंज्ड मैरिज के फायदे
अगर हम एक लाइन में कहें तो जो भी प्रेम विवाह के नुकसान हैं वो सारे अरेंज मैरिज के फायदे हैं । आधुनिकता के इस युग में भी अरेंज मैरिज का अनुपात अधिक है । इस तरह की शादियों के अपने फायदे हैं, जैसे-तलाक की संख्या कम होती हैं, बच्चे अधिक सुरक्षित होते हैं। दो लोगों को एक-दूसरे को समझने में कुछ साल बीत जाते हैं और तब तक प्यार जैसी चीज वहां भी दिखने लगती है । लोग एक-दूसरे की खामियां भूलकर एक-दूसरे के हित के बारे में सोचते हैं। इस तरह की शादियों में परिवार की मर्जी शामिल रहती है इसलिए उन्हें कोई भी समस्या हो, परिवार के लोग उनका साथ देते हैं । कामकाजी महिलाओं की संख्या इस तरह की शादियों में कम रहती है । इसी वजह से बच्चों की देखभाल ठीक ढंग से होती है । महिला के कामकाजी होने पर उनके बच्‍चों को बुजुर्गों का साया मिल जाता है ।

अरेंज्ड मैरिज के नुकसान
* हम पहले से एक-दूसरे को नहीं जानते हैं । ऐसे में कई बार गलत जीवनसाथी मिल जाता है जिसे जीवनभर झेलना मुश्किल हो जाता है * जीवन भर लड़कियों को समझौता करना पड़ता है* लड़का-लड़की दोनों को एडजस्ट करने में और एक-दूसरे को जानने-समझने में बहुत समय लग जाता है * दहेज प्रथा जैसी कुरितियों को बढ़ावा मिलता है * दहेज के कारण भ्रूण हत्‍या में हो रही वृद्धि *दहेज इकट्ठा करने के चक्कर में माता-पिता लड़कियों के करियर को महत्व नहीं देते *महिलाओं का बहुत ज्यादा शोषण होता है । *सास-बहु के बीच हमेशा खटास बनी रहती है, घर में प्यार भरा माहौल नहीं होता

अभिभावक को ऐसे लें विश्‍वास में
*हर सम्भव प्रयास से माता-पिता को मनाने की कोशिश करें *माता-पिता को विश्वास दिलाएं की जो फैसला आपने लिया है वो सही है *पेरेंट्स से कहें कि आपकी सहमति बहुत जरूरी है, आप जब तक नहीं कहेंगे तब तक शादी नहीं करेंगे लेकिन किसी और से भी नहीं करेंगे *पेरेंट्स अगर समाज और संस्कार की दुहाई दें तो आप शिक्षा और बदलते जमाने की रफ़्तार की दुहाई दें *पेरेंट्स को समझाए कि जब समाज मेरे रहने, खाने और जीने की व्यवस्था नहीं करता, मेरी मुश्किलों में मेरा साथ नहीं दिया तो फिर हम इस समाज की चिंता क्‍यों करें । मेरे लिए आप ही मेरा समाज हैं * पेरेंट्स को कहें कि जब तक परिवार नहीं बदलेगा, तब तक समाज कैसे बदलेगा, इसलिए शुरुआत अपने ही परिवार से करें *पेरेंट्स से पूछे कि अरेंज मैरिज करवाकर भले ही वो कुछ पल के लिए खुश हो जाएंगे लेकिन शादी के बाद बच्चे को हमेशा दुखी देखकर क्या वो खुश रह पाएंगे *अगर पेरेंट्स छोटे भाई-बहन की शादी की दुहाई दें कि उनकी शादी कैसे होगी तो आप अपने पेरेंट्स से कहे कि वो छोटे को भी स्वतन्त्र छोड़ दें * लड़का-लड़की दोनों को एक दूसरे के परिवार वालों से मिलवाते रहना चाहिए, मिलने से दूरियां घटती हैं और रिश्ते मधुर होते हैं * पेरेंट्स नहीं चाहें तब भी मौका बे मौका एक-दूसरे के पेरेंट्स से मिलवाते रहना चाहिए * कभी भी मन में आत्महत्या का खयाल नहीं लाएं, लड़ेंगे तभी तो जीतेंगे* भावावेश में आकर बिना पेरेंट्स के सहमति के शादी नहीं करें* बच्चे की जिद के आगे पेरेंट्स झुकते हैं । आप कभी भी हिम्मत नहीं हारे , सफलता आपको जरूर मिलेगी ।
लव मैरिज करने से पहले क्या तैयारी करें
* जिसे जीवन साथी बनाने का फैसला किया है उसके बारें में आश्वस्त हो जाएं कि वो आपके लिए सही तो है न* सबसे पहले आप आत्मनिर्भर हो जाएं, अपने करियर को सेट्ल कर ले* अगर आपका करियर सेट्ल है तो कोई भी आप पर उंगली नहीं उठा पाएगा * अगर आप आत्मनिर्भर हैं तो आप मजबूत होते हैं और माता-पिता को मजबूर करते हैं। ऐसे में आपकी राह ज्यादा आसान है * कभी भी इन्तजार करने से नहीं घबराए, प्यार की गहराई उसी में दिख जाती है । प्यार जितना लंबा चलता है शादी के बाद रिश्‍ते उतने ही अच्छे होते हैं * शुरू से ही मजाक-मजाक में दुनिया के बदलते ट्रेण्ड से पेरेंट्स को अवगत कराते रहें और गाहे-बगाहे ये भी कहते रहें कि मैं अपनी मर्जी से शादी करूंगा या करूंगी* जिद्दी स्वभाव का होना बहुत बार फायदेमन्द होता है * जैसे ही किसी से प्यार हो जाए आप अपने घर में माता-पिता या भाई-बहन किसी को भी बता दें जो आपकी बात ज्यादा अच्छे तरीके से समझता हो और आपके ज्‍यादा करीब हो*ज्यादा अच्छा होगा आप मम्मी को सबसे पहले बता दें साथ ही साथ उन्हें आश्वस्त करें कि इससे जिन्दगी, करियर और परिवार किसी पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा और आप कुछ भी ऐसा-वैसा गलत नहीं करेंगी जिससे उनकी मान-मर्यादा में कमी आए*अगर आप शादी का प्लान तीन-चार साल बाद बना रहे हैं तो अभी ही पेरेंट्स को बता दें, धीरे-धीरे माहौल आपके अनुकूल हो जाएगा । अचानक से बताने पर पेरेंट्स मानने को तैयार नहीं होते हैं * परिवार वालों को विश्वास दिलाएं कि उनकी अहमियत को आप कभी भी नहीं भूलेंगे * परिवार और प्यार के बीच सन्तुलन बनाना बहुत जरूरी है इसलिए पहले से ही दोनों के बीच सन्तुलन बनाना सीखें और सन्तुलन बना कर चलें

प्यार में बने स्मार्ट प्यार में आप स्मार्ट बनने की कोशिश करें । किसी कारणवश अगर आपको आपका प्यार नहीं मिल पाता है तो उस स्थिति में आप तनाव न लें । हालांकि ये दिल का मामला होता है और इस स्थिति में सामान्य रह पाना मुश्किल होता है लेकिन आपकी इच्छाशक्ति के सामने कुछ भी नामुमकिन नहीं है। गलती से भी रोने-धोने का कोशिश न करें और मन में किसी तरह के गलत हरकतों का खयाल भी नहीं लाए । अपने प्रेमी को याद नहीं करें और उससे जुड़ी किसी भी चीज को मत देखें । अपने आप को किसी न किसी काम में व्यस्त रखने का कोशिश करें । कोशिश करें कि अकेले न रहें हमेशा किसी न किसी के साथ रहें । साथ ही साथ आप कभी भी ऐसा मत सोचे कि अब जिन्दगी खत्म हो गई है क्योंकि जिन्दगी में कोई भी इतना अहम नहीं होता जिसके बिना जिन्दगी न चल सके । जिन्दगी में आपके सामने ढेरों रास्ते आते जाएंगे ।

कैसे करे डेटिंग


डेटिंग आज की युवा पीढ़ी की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। किशोर से लेकर प्रौढ़ उम्र के व्यक्ति तक डेटिंग पर जाते हैं और जाना चाहते हैं। लेकिन कई बार खासतौर पर युवाओं के सामने ये समस्या पैदा हो जाती है कि डेटिंग पर वे कहां जाए? कैसे जाएं? एक-दूसरे के साथ कितना ओपन हो? एक-दूसरे को कितनी आजादी दें? और किस तरह की बातचीत करें?बॉडी लैग्वेज कैसी हो? सकारात्मक रूप से ये सारी चीजें भी मानसिक रूप से आपको प्रभावित करती हैं और कर सकती है। आइए जानें डेटिंग के तरीकों के बारे में जिससे आपको मानसिक रूप से कोई आघात न पहुंचे।



* आज के दौर में हर कोई डेटिंग पर जाने के लिए उत्सुक रहता है। दरअसल, डेटिंग के जरिए लड़के-लड़कियां आपस में एक-दूसरे को समझते हैं। डेटिंग हमेशा ऐसी होनी चाहिए जिससे ये यादगार दिन बन जाए।
* कई बार लड़कियां अपने दोस्तों की मदद से लड़कों को पटाने के टिप्स पर अमल करने की सोचती हैं जो कि वास्तव में गलत है। डेटिंग दो लोगों को जानने का, समझने का तरीका है न की टिप्स अपनाने का।
* यदि कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डेटिंग पर पहली बार जा रहा है तो ऐसे मौके पर कोई ऐसी बात न करें जो कि लड़की को अच्छी न लगे। डेटिंग पर पहली मुलाकात में ही अपने बारे में सबकुछ नहीं बताना चाहिए। न ही जरूरत से ज्यादा बोलना चाहिए। इससे डेटिंग का मजा खराब हो सकता है।
* कई बार आपकी बॉडी लैंग्वेज ही आपकी मन की बातों को बयान कर देती है ऐसे में आपको सहज रहना बहुत जरूरी है। न तो बहुत उत्सा‍हित हो और न ही बहुत ज्यादा नर्वस।
* डेटिंग कई बार सही जीवनसाथी के चुनाव के लिए की जाती है। डेटिंग हमेशा ऐसी होनी चाहिए कि दोबारा मुलाकात करने में दोनों तरफ से किसी को कोई परेशानी न हो।
* यह भी जरूरी नहीं कि आप जब डेटिंग करने जा रहे हैं तो किसी दूसरे के साथ आपका डेटिंग अनुभव बहुत खराब रहा था तो इस बार भी ऐसा ही होगा। अपने मन में किसी तरह की कोई शंका या मिथ न पालें लेकिन सतर्क अवश्य रहें।
* पहली डेटिंग हमेशा पब्लिक प्लेस पर की जानी चाहिए। जहां दोनों ही सहज बातचीत करने में सक्षम हो।
* कई बार डेटिंग मौज-मस्ती या टाइम पास के लिए भी की जाती है। डेटिंग पर जाने से पहले अपने फंडे क्लीयर कर लें जिससे बाद में आपको किसी तरह का कोई कष्ट न हो।
* गर्लफ्रेंड से डेटिंग के दौरान बहुत ज्यादा गप्प न मारें नहीं तो इससे आपकी डेटिंग बिगड़ सकती है।
* बहुत ज्यादा देर रात तक डेटिंग पर न रहें, न ही किसी तरह के किसी नशीले पदार्थ का सेवन करें।
* यदि लड़कियां लड़कों को समझना चाहती हैं तो पहले उन्हें बोलने का अवसर दें और जो वह नहीं बोल रहा या किन्हीं कारणों से आपसे छुपा रहा है उसे भी जानने की कोशिश करें।
* लड़का और लड़की दोनों ही अपनी डेट के लिए कोई लुभावना उपहार लेकर जाएं।



इसी तरह की बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी डेटिंग को खुशनुमा और यादगार दिनों में परिवर्तित कर सकते हैं।

Wednesday, 23 November 2011

लड़कियाँ कैसे करती हैं फ्लर्ट

फ्र्लटिंग के मामले में पुरूषो को ही बदनाम किया जाता। पुरूषोंके बारे में माना जाता है कि वे लडकियों को देखते ही फ्लर्ट करने लगते है। उन्हें रिझाने के लिए तरह-तरह की बातें और इशारे भी करने लगत है, है लेकिन फ्लर्ट करने में महिलाएं पुरूषों से कहीं आगे हैं। महिलाएं पुरूषों के मुकाबले में पांच गुना ज्यादा ऎसे सेक्सी बॉडी सिग्नल्स देती है। जिससे पुरूषों को ये इशारा मिल जाए कि वो उन्हें पसंद करती है। शोध में भी वैज्ञानिकों ने यह बात मानी है कि फ्लर्ट करने में महिलाएं भी पुरूषों के मुकाबले कहीं पीछे नहीं है। तो आए उन संकेतों को पहचाने, जो महिलाएं फ्लर्ट करने के लिए इस्तेमाल करती है, ताकि पुरूष भी समझें उनकी फ्लाटिंग लैंग्वेज को।
महिलाओं के सेक्सी बॉडी सिग्नल्स:
1. अगर किसी पुरूष से बातचीत के दौरान महिला उसके करीब आती है, तो इसका मतलब है कि वो उसे पसंद करती है।
2. अगर वो बाद-बार अपने बालों को ठीक करे या अपनी लटों में उंगलियां धुमाने लगे तो सीधा संकेत है कि आप उसे आकर्षक लग रहे है।
3. हो सकता है वो अपने हाथों को रब करे या अपने शरीर को टच करें, जैसे गर्दन पर बांहों पर हाथ फेरे इत्यादि, ये संकेत है कि आप उस शाम उसे कॉफी के लिए आमंत्रि करेंगे, तो आपको निराश नहीं होना पडेगा।
4. अगर कोई महिला फ्लर्ट करती हो, तो आपकी आंखें भी बहुत कुछ कहती है, वो आपसे ज्यादा देर तक आई कांन्टेक्ट रखेंगी और फिर नजरों को खास अंदाज में झुका लेगी।
5. आपसे हर बार सामने होने पर मुस्कुराकर आपका स्वागत करेगी।
6.अगर वो आपको पसंद करती है, तो आप जेसे ही उसे देखेंगे, वो अपने कपडे ठीक करने लगेगी। अपने टॉप को या कुर्ते के बटन को ठीक करने लगेगी।
7. फ्लर्टिग में माहिर महिलाएं यह अच्छी तरह से जानती है कि पुरूषों को किस तरह से आकर्षित करके दिल की बात उन तक पहुंचानी है।
8. अगर बैठने के दौरान वो आपके कंधे या पैरे से अपना हाथ रख दे या आपपास होने से गलती से बॉडी टच करने का आभास दे, तो ये आपके लिए ग्रीन सिंग्लन है।
9. अगर वो फ्लर्टिग की कला में माहिर है, तो वो बहुत ही स्मार्टली सिर्फ उतनी ही स्किन रिवील करेगी, जिससे आपका ध्यान उसकी तरफ आकर्षित हो या उसके बाद आप ख्यालों की दुनिया में खो जाएं।
10. फ्लर्ट करने वाली महिलाएं अपनी आवाज का भी बखूबी इस्तेमाल करती है, वो आपके कानों के पास आकर सेक्सी अंदाज में धीरे से बात करेगी, ताकि आप ये समझे जाएं कि आप उसे आकष्ाüक लग रहे है।
फ्लर्ट करने वाली महिलाओं की सोच:
फ्लर्टिग के बारे में महिलाओं का कुछ और ही सोचना है। फ्लर्टिग की कला न सिर्फ आपको ऎसे खुशनुमा पलों को जीने का मौका देती है, बल्कि रिफ्रेश भी कर देती है और इस कला में अब महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं, बस, उनका तरीका पुरूषों से थोडा अलग होता है।
1. महिलाओं का मानना है कि फ्लर्टिग आपको फ्रेश और रोमांटिक बनाए रखती है।
2. इससे आपको कॉन्फ्रिडेंस मिलता है।
3. महिलाएं मानती हैं कि अगर कोई आपको आकर्षक लग रहा है तो फ्लर्ट करने में क्या बुराई है।
4. फ्लर्टिग में दोनों पक्षों के लिए फील गुड फैक्टर जुडा होता है।
5. महिलाएं यह भी मानती हैं किहो सकता है कि फ्लर्टिग से शुरूआत हुई बात रोमांटिक रिश्ते में बदल जाएं।
6. फ्लर्टिग हमेशा हेल्दी होना चाहिए।
7. कभी-कभार लोग इससे आपके चरित्र को जज करने लगते है, ऎसे में फ्लर्टिग थोडा संभलकर और उसके साथ ही करनी चाहिए, जो आप ही की तरह ओपन मांइडेड हो।
8. फ्लर्टिग गलत मकसद से नहीं की जानी चाहिए। फ्लर्टिग का इरादा सिर्फ दोस्ती करना और सामने वाले को खुश व अच्छा महसूस कराना होता है।
9. अगर कोई पसंद है या किसी का व्यक्तित्व आकष्ाüक लग रहा है, तो उसकी तरफ मुस्कुराकर देखने में क्या बुराई है।
10. किसी की स्टाइल पसंद हो, तो उसे कॉçम्प्लीमेंट जरूर दें।
फ्लर्ट करने के नुकसान:
हालांकि महिलाओं का एक वर्ग ऎसा भी है जो फ्लर्टिग के ज्यादा पक्ष में नहीं है, उनका मानना है कि फ्लर्टिग के नुकसान भी आपको भुगतने पड सकते हैं।
1. भले ही आपके इरादे कितने भी नेक हो, लेकिन फ्लर्ट करने वाली महिलाओं को हमारे समाज में अच्छा नहीं समझा जाता।
2. इससे महिलाओंके चरित्र पर भी सवाल उठ सकते है। साथ ही आपका गलत फायदा भी उठाया जा सकता है।
3. हो सकता है कि कोई भी आपको फिर गंभीरता से न लेकर सिर्फ मजे के लिए आपसे बात करे या मित्रता रखें।
4. कभी-कभार मजे के लिए की गई फ्लर्टिग खतरनाक भी हो सकती है। सामने वाले के इरादे कितने नेक है, यह कैसे जाना जा सकता है।
5. फ्लर्टिग करते-करते भावनात्मक लगाव होना संभव है, ऎसे में बहुत सी बातों पर गौर करते हुए ही फ्लर्टिग की जानी चाहिए, वरना रिश्तों में उलझनें पैदा हो सकती है।
6. महिलाओं के फ्लर्टिग के अंदाज को पुरूष कुछ और ही समझ बैठते है और उनके इशारों को गलत दिशा में ले जाते है।
ऎसे में बेहतर होगा कि पहले फ्लर्टिग की कला को जाने, समझे और तभी आगे बढे क्योकि फ्लर्टिग में कोई बुराई नहीं है लेकिन फ्लर्टिग अपने आप में एक कला है और किसी भी कला का असर तभी नजर आता है, जब आप उसमें माहिर हो जाए।