Monday, 14 November 2011

बॉडी लैंग्वेज से पकड़ें दिल की नब्ज


मैंने अपने पिछले ब्लॉग में लड़कों को आकर्षित करने  के कुछ बेहद सरल उपाए बताए थे जो लड़कियों ने बहुत पसंद किए. अब जब इस ब्लॉग को कुछ पाठक मिल ही गए हैं तो मैंने सोचा कि चलो एक और ब्लॉग इस संदर्भ में लिखा जाए हालांकि यह थोड़ा आसान है और बहुत कारगर. यह टिप्स मैंने दैनिक जागरण पर ही देखी थी, पर शायद आप लोगों ने मिस कर दिया हो इसलिए इसे आप लोगों तक लेकर आया हूं.


dv2051018लड़को की बॉडी लैंग्वेज को समझना आप लड़कियों के लिए कोई मुश्किल काम नहीं और यह बेहद कारगर भी होता है. बॉडी लैंग्वेज किसी भी इंसान के व्यक्तित्व का आईना होती है. कोई भी व्यक्ति शब्दों में भले ही झूठ बोले, लेकिन अपनी भाव-भंगिमा में नजर आने वाली सच्चाई को वह नहीं छिपा सकता. इसलिए अगर आप डेट पर जा रही हैं तो अपने भावी साथी की बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से पढ़ने की कोशिश करें:


1. अगर वह अपनी दोनों भुजाओं को छाती के नीचे बांधकर बैठा या खडा हो तो उसकी ऐसी बॉडी लैंग्वेज यह दर्शाती है कि वह आत्मकेंद्रित और अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाला इंसान है. हो सकता है कि वह अपनी कुछ बातें आपसे छिपाना चाहता हो.


2. अगर वह लड़का आपके चेहरे की ओर देखकर सहज भाव से बातें कर रहा हो तो इसका अर्थ यह है कि वह आत्मविश्वास से पूर्ण है, लेकिन अगर वह आपसे नजरें मिलाकर बातें न करे तो इसका मतलब यह है कि उसमें आत्मविश्वास की कमी है और वह शर्मीले स्वभाव का है.


3. आपकी बातें सुनते समय अगर वह सामने की ओर हलका सा झुक जाता है तो आप यह समझें कि वह आपकी बातों में दिलचस्पी ले रहा है.


4. बोलते समय अगर वह बार-बार अपने बालों पर हाथ फेर रहा हो या उंगलियां चटका रहा हो तो इसका मतलब यह है कि वह झूठ बोल रहा है या तनावग्रस्त है.


5. आप से बातें करते समय अगर वह अपने पैर हिला रहा हो या मेज पर रखी किसी चीज को तोड़-मरोड़ रहा हो तो इस लक्षण से यह साबित होता है कि उसे आपकी बातें पसंद नहीं आ रहीं हैं या उसका ध्यान कहीं और है.


6. हाथ मिलाते समय अगर वह आपका हाथ मजबूती से पकड़े तो जाहिर होता है कि वह रिश्तों के प्रति समर्पित इंसान है. अगर वह आपका हाथ बहुत ढीले-ढाले अंदाज में पकड़े तो वह दुविधा में रहने वाला व्यक्ति है और ऐसे लोग भविष्य में वफादार साथी साबित नहीं होते.


7. अंत में, सबसे जरूरी बात यह है कि डेटिंग के दौरन कोई भी इंसान अपने व्यक्तित्व के सबसे अच्छे पहलू को दर्शाना चाहता है. ऐसे में उसका व्यवहार बेहद संयत होता है. अत: एक ही मुलाकात में लड़के के व्यक्तित्व का सही आकलन नहीं किया जा सकता. इसलिए कम से कम दो-चार बार मिलने के बाद ही लड़के के बारे में कोई राय बनाएं.

हमारे जीवन पर बॉडी लैंग्वेज का प्रभाव


मौजूदा कॉर्पोरेट इंडिया को सिर्फ डिग्रियों से लैस एंप्लॉइज की तलाश नहीं होती, बल्कि यह जमाना स्मार्ट एंप्लॉई का है। स्मार्टनेस से मतलब ऐसे एंप्लॉई से है, जिसमें प्रफेशनल क्वॉलिफिकेशन तो हो ही, साथ ही वह सॉफ्ट स्किल्स से भी भरपूर हो। अगर आप भी ऑफिस में अपनी बॉडी लैंग्वेज पर खासा ध्यान देते हैं, तो आपकी यह कुशलता आपको बाकी लोगों से अलग बनाएगी।

अगर आप किसी व्यक्ति से फोन पर बात करें और उसी व्यक्ति से आमने-सामने बात करें, तो दोनों स्थितियों के नतीजों में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है। इसके पीछे है दोनों व्यक्तियों की बॉडी लैंग्वेज। दरअसल, बॉडी लैंग्वेज का प्रभाव हमारे जीवन के हर पल पर पड़ता है, भले ही हम इसे महसूस करें या नहीं? करियर में आगे बढ़ने के लिए भी जितनी जरूरी अच्छी परफॉर्मेंस है, उतना ही जरूरी है अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना।

इसके अलावा, अगर आपके अंदर अन्य लोगों की बॉडी लैंग्वेज पढ़ने का भी हुनर है, तो यह बात सोने पर सुहागा साबित होगी। अगर आप सेल्स के फील्ड में हैं, तो बॉडी लैंग्वेज समझने की कला आपके करियर को आगे बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हो सकती है। आपको अपने संभावित ग्राहक की बॉडी लैंग्वेज देखकर ही पता चल जाएगा कि वह व्यक्ति आपके प्रॉडक्ट में दिलचस्पी ले भी रहा है या नहीं?

हमारा दिमाग लगभग हर बॉडी पॉस्चर से निकलने वाले संकेत को समझ सकता है। सही बॉडी लैंग्वेज को सीखना फॉरन लैंग्वेज सीखने जैसा है। हमें रोजमर्रा की आदतों में कुछ बेसिक पॉस्चर्स पर ध्यान देना चाहिए, जैसे : हमेशा आई कॉन्टैक्ट रखकर बात करना, थोड़ी-सी मुस्कान का महत्व जानना, हाथ बांधकर बातें करने से बचना, खुली हथेलियां गंभीरता और रेसेप्टिविटी को दर्शाती हैं, हाथ हिलाकर बातचीत करने से समझा जाता है कि आप बड़ी रुचि से बातें कर रहे हैं, जबकि मुंह के ऊपर या चेहरे पर हाथ रखना नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा है। आपके रिलेक्स्ड पॉस्चर का मतलब होगा कि आप कम्युनिकेशन के लिए तैयार हैं। ऑफिस में कभी भी किसी भी स्तर के व्यक्ति से ऊंची आवाज और तेज स्पीड में बात नहीं करनी चाहिए। इससे आप अपने व्यक्तित्व की गंभीरता खो देंगे।

चाहे आप ऑफिस में अपने कलीग्स से बातचीत करें या फिर अपनी डेस्क पर काम कर रहे हों, हमेशा अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें। कम शब्दों में हम कह सकते हैं कि बॉडी लैंग्वेज एक ऐसा हुनर है, जिसे हम अपने मूवमेंट्स, पॉश्चर्स और वॉयस टोन से हासिल करते हैं।

बॉडी लैंग्वेज पढ़ें

ऑफिस में किसी भी व्यक्ति से बात करते समय शब्दों के अलावा सामने वाले की बॉडी लैंग्वेज पढ़ने की भी कोशिश करनी चाहिए। खुद को सामने वाले के साथ इस तरह रिलेट करना बेहद जरूरी है। इससे आपको यह पता चल सकेगा कि वह व्यक्ति आपकी बातों में दिलचस्पी ले भी रहा है या नहीं? अगर कोई शुरुआत में तो आई कॉन्टैक्ट रखकर बातें कर रहा है, लेकिन धीरे-धीरे आंखें बचाने लगता है, तो इसका मतलब है कि वह बातचीत में दिलचस्पी खो रहा है। ऐसे ढेरों संकेत आपको सचेत कर सकते हैं। इसके बाद आपको अपनी अप्रोच बदल देनी चाहिए। अगर आप बॉस के साथ बातें कर रहे हैं या कोई सवाल पूछ रहे हैं, तो अक्सर बॉडी लैंग्वेज पढ़ने से ही आपको अपने ज्यादातर जवाब मिल जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति की जुबान कुछ और कह रही है और बॉडी लैंग्वेज कुछ और, तो उसकी बॉडी पर भरोसा कीजिए।

अकेले में प्रैक्टिस करें

अगर आप अपनी बॉडी लैंग्वेज से संतुष्ट नहीं हैं, तो घर पर शीशे के सामने इसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। ध्यान रखें कि आपकी बॉडी लैंग्वेज भी वही बोले, जो आप मुंह से बोल रहे हैं। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप क्या कहते हैं, बल्कि यह है कि आप इसे किस तरह कहते हैं? हमेशा मुस्कराते रहें। जो लोग अपने बारे में अच्छा सोचते हैं, उनकी बॉडी लैंग्वेज अक्सर बेहतर होती है।

कुछ खास बातें

वैसे तो बॉडी लैंग्वेज पर बरसों से रिसर्च की जा रही है। अलग-अलग लोगों ने पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज के बारे में कई बातें बताई हैं, जिन्हें एक आर्टिकल में समेट पाना मुश्किल है। फिर भी मोटे तौर पर कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, जिससे ऑफिस में आपकी इमेज एक अच्छे वर्कर की बन सके। चाहे बॉस हो या कलीग हमेशा आई कॉन्टैक्ट रखकर बातें करें, खुली हथेलियां गंभीरता और रेसेप्टिविटी को दर्शाती हैं, करीब रहकर बात करना यानी इंटरेस्ट लेना और दूर होने का मतलब है बातचीत में ध्यान नहीं होना, रिलेक्स्ड पॉस्चर का मतलब होगा कि आप कम्युनिकेशन के लिए तैयार हैं। ऑफिस में हाथ बांधकर खड़ा नहीं होना चाहिए, यह डिफेंसिवनेस और विरोध का संकेत है। हाथ हिलाकर बातचीत करने से समझा जाता है कि आप बड़ी रुचि से बातें कर रहे हैं। मुंह के ऊपर या चेहरे पर हाथ रखना नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा है। ऑफिस में कभी भी किसी भी स्तर के व्यक्ति से ऊंची आवाज और तेज स्पीड में बात नहीं करनी चाहिए। इससे आप अपने व्यक्तित्व की गंभीरता खो देंगे।

तो, फिर जुट जाइए मिशन बॉडी लैंग्वेज में। यकीन जानिए, करियर में जितनी महत्वपूर्ण जगह आप अपने काम से बनाएंगे है, उतने ही महत्वपूर्ण आप पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज को अपनाकर भी बन सकेंगे।

Sunday, 13 November 2011

खुले मन से संवाद बढ़ाता है प्रेम


हेलो दोस्तो! डर से शायद ही किसी को एक पल के लिए भी मुक्ति मिलती हो। न जाने कितने प्रकार का डर हम अपने अंदर पाले रहते हैं। नए माहौल का डर, बिछुड़ने का डर, रोजगार जाने का डर, दूसरे की समृद्धि का डर, बदसूरत दिखने का डर, बुढ़ापे का डर, खोने का डर, चोरी का डर, बॉस का डर, भीड़-भाड़ का डर, सूनेपन का डर, भव्यता का डर, दूसरों की खुशियों का डर, अज्ञानता का डर, जानवरों का डर आदि-आदि। पर जिस डर से सबसे ज्यादा डर लगता है, वह है मनुष्य का सामना करने का डर। अपने जैसे ही किसी मनुष्य से संवाद बनाने में एक व्यक्ति सबसे ज्यादा डरता है। किसी मनुष्य से रूबरू होने में एक व्यक्ति को जितना संकोच, जितनी शंका और हिचकिचाहट होती है वह शायद ही किसी और परिस्थिति में होती है।

पति-पत्नी, माँ-बाप, बच्चे, भाई-बहन, सगे-संबंधी, आस-पड़ोस हो या दोस्त-अहबाब या प्यार करने वाले, आपस में संवाद बनाते वक्त किसी अनजाने डर के कारण सतर्क रहते हैं। यही वह स्थिति है जिसके कारण नए रिश्ते की शुरुआत नहीं हो पाती है। यह डर ही है जो अच्छे रिश्ते की संभावना को समाप्त कर देता है।

ऐसे ही डर से परेशान हैं संतोष, असीम, अमित, प्रवीण जैसे अनेक नौजवान। एक लड़की से मुखातिब होते समय इनकी हिम्मत जवाब दे देती है जबकि वे लड़कियाँ उन्हें देखकर अपने चेहरे पर पहचान का भाव लाती हैं। यूँ तो वे उनसे बहुत कुछ कहना चाहते हैं पर कह नहीं पाते हैं। उनके सामने जाते ही उनकी जुबान को ताला लग जाता है और उनकी घिग्घी बँध जाती है। वे हजार कोशिशों के बावजूद सामान्य नहीं रह पाते हैं। लड़की से कुछ न बोल पाने के कारण उनका मन घुटन से भर जाता है और बहुत सारा समय अपने ऊपर खीझने में बीत जाता है। उन्हें लगता है क्या करें जो वे इस समस्या से पार पाएँ।

जिन लड़कों की बचपसे महिला दोस्त नहीं रही हैं उन्हें ये समस्याएँ ज्यादा आती हैं। कई लड़के ऐसे भी बड़े होते हैं जिनके घर में रिश्तेदार हमउम्र बहनें नहीं होती हैं। ऐसे नौजवान लड़के नहीं समझ पाते हैं कि वे लड़कियों से कैसे बात करें। जीवन में लड़कियों से सामान्य दोस्ती नहीं होने के कारण जो पहली लड़की भाती है उसे जाने बिना ही वे दिल दे बैठते हैं या बहुत दूर की सोच लेते हैं। इसी कारण संकोच, घबराहट और भी बढ़ जाती है।

इतनी सारी अपेक्षाओं के बाद संवाद बनाने में डर तो लगेगा ही। अगर लड़की ने उसी लहजे और डिग्री में जवाब नहीं दिया तो ठुकराए जाने का भय भी कदम रोक देता है। जिस प्रकार कोई व्यक्ति नौकरी या काम लेने जाए तो सारी तैयारी और योग्यता के बावजूद इनकार का डर उस पर हावी रहता है क्योंकि उस वक्त वह सामने वाले के आकलन पर होता है। अगर हम कई साक्षात्कार दे चुके होते हैं और हमारे पास बेहतर विकल्प मौजूद होता है तो हमारा डर भी कम होता है।

उसी प्रकार यदि आप किसी व्यक्ति से चाहे वह लड़की या लड़का हो बिना किसी अपेक्षा से मिलें तो आपको उससे संवाद बनाने में डर नहीं लगेगा। यदि कोई साधारण सी बात का भी जवाब नहीं देती है तो उससे बात ही क्यों करनी है। आपने उससे टाइमटेबल पूछ लिया। किताब, नोटबुक या पेन माँग लिया और उसने सहजता से आपकी बातों का जवाब दे दिया, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह आपको प्यार करने लगी है। चार दिन की बातचीत के बाद यदि आप प्रेम पत्र पकड़ा दें तो वह लड़की अवश्य ही आपको भला-बुरा कहेगी।

जिन लड़कों को लड़कियों से बात करने में डर लगता है उन्हें केवल एक लड़की के बारे में नहीं सोचकर आगे बढ़ना चाहिए बल्कि कई लड़कियों से बातचीत करनी चाहिए ठीक वैसे ही जिस प्रकार आप किसी भी लड़के साथी से मुखातिब होते हैं। उनसे कोई विशेष अपेक्षा नहीं होती है तो कोई द्वंद्व भी मन में पैदा नहीं होता है। इसी प्रकार लड़कियों से भी पुरुष साथियों की तरह बात करनी चाहिए। समय बीतने के साथ-साथ ही पता चल सकता है कि उनमें से कोई अच्छी दोस्त या प्रेमिका बन भी सकती है या नहीं।

Sunday, 6 November 2011

अपने व्यक्तित्व का विकास कैसे करे

किसी भी मनुष्य की पहचान उसके व्यक्तित्व से ही होती है। प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी को कभी भी असफलता का मुख नहीं देखना पड़ता, वे आसानी के साथ दूसरों को प्रभावित कर लेते हैं तथा उन्हें अपना मित्र बना लेते हैं।
नीचे कुछ बातें दी जा रही हैं जिनकी सहायता से हम अपने व्यक्तित्व का विकास करके स्वयं को प्रभावशाली कैसे बना सकते हैं:
दूसरों के प्रति स्वयं का व्यवहार
  • दूसरों को अपमानित न करें और न ही कभी दूसरों की शिकायत करें। याद रखें कि अपमान के बदले में अपमान ही मिलता है।
  • दूसरों में जो भी अच्छे गुण हैं उनकी ईमानदारी के साथ दिल खोल कर प्रशंसा करें। झूठी प्रशंसा कदापि न करें। यदि आप किसी की प्रशंसा नहीं कर सकते तो कम से कम दूसरों की निन्दा कभी भी न करें। किसी की निन्दा करके आपको कभी भी किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल सकता उल्ट आप उसकी नजरों गिर सकते हैं।
  • अपने सद्भाव से सदैव दूसरों के मन में अपने प्रति तीव्र आकर्षण का भाव उत्पन्न करने का प्रयास करें।
  • सभी को पसंद आने वाला व्यक्तित्व
  • दूसरों में वास्विक रुचि लें। यदि आप दूसरों में रुचि लेंगे तो दूसरे भी अवश्य ही आप में रुचि लेंगे।
  • दूसरों को सच्ची मुस्कान प्रदान करें।
  • प्रत्येक व्यक्ति के लिये उसका नाम सर्वाधिक मधुर, प्रिय और महत्वपूर्ण होता है। यदि आप दूसरों का नाम बढ़ायेंगे तो वे भी आपका नाम अवश्य ही बढ़ायेंगे। व्यर्थ किसी को बदनाम करने का प्रयास कदापि न करें।
  • अच्छे श्रोता बनें और दूसरों को उनके विषय में बताने के लिये प्रोत्साहित करें।
  • दूसरों की रुचि को महत्व दें तथा उनकी रुचि की बातें करें। सिर्फ अपनी रुचि की बातें करने का स्वभाव त्याग दें।
  • दूसरों के महत्व को स्वीकारें तथा उनकी भावनाओं का आदर करें।
अपने सद्विचारों से दूसरों को जीतें
  • तर्क का अंत नहीं होता। बहस करने की अपेक्षा बहस से बचना अधिक उपयुक्त है।
  • दूसरों की राय को सम्मान दें। ‘आप गलत हैं’ कभी भी न कहें।
  • यदि आप गलत हैं तो अपनी गलती को स्वीकारें।
  • सदैव मित्रतापूर्ण तरीके से पेश आयें।
  • दूसरों को अपनी बात रखने का पूर्ण अवसर दें।
  • दूसरों को अनुभव करने दें कि आपकी नजर में उनकी बातों का पूरा पूरा महत्व है।
  • घटनाक्रम को दूसरों की दृष्टि से देखने का ईमानदारी से प्रयास करें।
  • दूसरों की इच्छाओं तथा विचारों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनायें।
  • दूसरों को चुनौती देने का प्रयास न करें।
अग्रणी बनें: बिना किसी नाराजगी के दूसरों में परिवर्तन लायें
  • दूसरों का सच्चा मूल्यांकन करें तथा उन्हें सच्ची प्रशंसा दें।
  • दूसरों की गलती को अप्रत्यक्ष रूप से बतायें।
  • आपकी निन्दा करने वाले के समक्ष अपनी गलतियों के विषय में बातें करें।
  • किसी को सीधे आदेश देने के बदले प्रश्नोत्तर तथा सुझाव वाले रास्ते का सहारा लें।
  • दूसरों के किये छोटे से छोटे काम की भी प्रशंसा करें।
  • आपके अनुसार कार्य करने वालों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन करें।

Monday, 17 October 2011

क्या यही प्यार है

अक्सर कई बार होता है जब हम प्यार में होते हैं तो हमें पता नहीं चलता कि हम प्यार में हैं या नहीं. पर यह स्वाभाविक है कि अगर हम प्यार में हैं तो हमारे स्वभाव में कुछ फर्क आ जाता है. प्यार की कब, किसे, कैसे हो जाए- यह कहा नहीं जा सकता है. प्यार जब हो जाए तो चैन नहीं, ना हो तो बेचैनी, हो गया तो समझना मुश्किल, ना हो तो जीना मुश्किल.



ऐसे समय में प्यार को स्वीकार करने में भी हिचकिचाहट होती है और दिल में छुपाने में भी दर्द होता है. जिससे आपको प्यार है उससे आप बता भी नहीं सकते क्यूंकि फिर वही साला “डर” आपको सताएगा. प्यार की आहट को समझना कोई पहाड़ तोड़ने जैसी मुश्किल बात नहीं है. अगर आप प्यार में हैं और आपको जानना है कि प्यार की आहट होती कैसी है तो बस कुछ निम्न बातों पर गौर करें आपको जवाब मिल जाएगा:



love-heart* एक दिन वह दिखाई न दे तो आपके दिल में अनेक अशुभ बातें आने लगें. दिल बुरी तरह से घबराने लगे.
* उसके बिना जिंदगी नीरस, फालतू, बकवास या आधी-अधूरी लगने लगे.
* किसी को फोन करते समय भूल से उसका मोबाइल नंबर डायल कर दें.
* मोबाइल की घंटी बजने या मिस कॉल आने पर ऐसा लगे उसने ही कॉल किया होगा.
* फोन पर घंटों बातें करने के बावजूद दिल न माने और बातें करने की इच्छा बनी रहे.
* रोमांटिक फिल्म में हीरो की जगह स्वयं को व हीरोइन की जगह उसके होने की कल्पना करने लगें.
* आपको भूख कम लगने लगे या खाने-पीने की सुध न रहे.
* पत्र-पत्रिकाओं में राजनीति, सामाजिक, करियर आदि की खबरों को छोड़कर फैशन, फिटनेस, ब्यूटी टिप्स, माई फस्ट लव, लव टिप्स आदि आप पढ़ना पसंद करने लगें.
* अखबार में पहले उसकी, फिर अपनी राशि देखें.
* आपको अपना डेट ऑफ बर्थ भले याद नहीं हो लेकिन उसके डेट ऑफ बर्थ से लेकर उसके पूरे फैमिली का बायोडाटा जबानी याद हो.
* गजलें और दर्द भरे गीत आप बड़े ध्यान से सुनने लगें. दूसरों को भी ऐसे गीत सुनने की सलाह देने लगें. गजल, शेरो-शायरी पर लंबा लेक्चर देने लगें. मानो उसके बारे में आपको बड़ा नॉलेज है.
* खुद में जादू की शक्ति संचार हो जाने की कल्पना करें. आपको ऐसा लगने लगे कि आप खुद गायब होकर कुछ ही पलों में कहीं से कहीं पहुँच सकते हैं.
* अपने कम्प्यूटर के पासवर्ड में उसके नाम का कोड रखें.
* जब भी वह उठकर कहीं जाए (बाथरूम भी) तो आपकी निगाहें उसका पीछा करती रहें.
* उसके पालतू कुत्ते, बिल्ली को भी चूमने का आपका मन करने लगे.
* आपके पास कैमरा होने पर उसकी ढेर सारी तस्वीरें उतारने का दिल करे.
* जब वह किसी लड़के/ लड़की के साथ बात करे तो आपको ईर्ष्या होने लगे. उस लड़के/ लड़की का गला घोंट देने की इच्छा होने लगे.

* उसकी बेतुकी या बच्चों जैसी हरकतें भी आपको अच्छी लगने लगे.
* आपमें दयालु और उदार के भाव आ जाएं. दूसरों की मदद करना आपको अच्छा लगने लगे.
* रोमांटिक गाने सुनकर आपका मन झूमने के लिए बेताब होने लगे.
* जब बात-बात पर मन खुशी से झूम उठे या मन रोने या रूठने का करने लगे.
* उनका मन में खयाल आते ही दिल में कुछ-कुछ होने लगे.
* आपका दिल हमेशा उससे मिलने के लिए बेचैन रहने लगे.
* उसके आने के पहले बहुत कुछ कहने को मन करे. उसके आने पर कुछ न कह पाएं. लब सिर्फ फड़फड़ाकर रह जाएं. कोई भी नई चीज खरीदने पर आपको लगने लगे पहले उसे दिखाऊं.
* उससे मिलने के लिए जाते वक्त दिल में अजीब-सी गुदगुदी होने लगे. मन प्रफुल्लित होकर शरीर हवा में उड़ने लगे.
* आप अपने बॉडी और फिगर पर अधिक ध्यान देने लगें. इसके लिए जिम आने लगें.
* बार-बार आप खुद को आईने के सामने खड़े पाएं. चेहरे पर हल्की-सी दाग से आपका मन विचलित होने लगे.
* आप अपने बालों का स्टाइल बदल लें. इसके लिए दोस्तों से सलाह लेने लगें.
* आपमें गजब का ड्रेस सेंस आ जाए. हर घंटे ड्रेस बदलने का मन होने लगे या हर रोज नई ड्रेस पहनने या नई ड्रेस खरीदने की इच्छा करने लगे.
* अपनी पसंद-नापसंद को भूल जाएं. उसकी पसंद-नापसंद को ज्यादा एहमियत देने लगें.
* उसकी हर अदा पर हो जाएं आप फिदा.
* आप अपनी लाइफ स्टाइल छोड़कर उसकी लाइफ स्टाइल अपनाने लगें.
* आप उससे दोस्तों के साथ मिलने की बजाय अकेले में मिलना चाहें. उससे अकेले में ही बात करने की इच्छा हो.
* आपका दिल उस पर मर मिटने को होने लगे.
* मैं की बजाय ‘हम’ शब्द का आप अधिकाधिक इस्तेमाल करने लगें.
* फुर्सत के क्षणों में आप रोमांटिक कल्पनाओं में डूब जाएं. आपको लगने लगे, वह आपकी बाहों में है या आप उसकी गोद में सिर रखकर लेटे हैं.
* उसके जैसा कोई खूबसूरत न लगे. सारी दुनिया की लड़कियां उसके सामने बदसूरत और फीकी लगने लगे.


लड़की पटाने के तरीके....

स्कूल लाइफ से गुजरने के बाद कुछ युवा छात्रों को चाहत होती है बढ़िया जॉब/करियर के अनुसार तैयारी करने की। तो कुछ होते हैं जिनकी सबसे पहली और तीव्र ख्वाहिश होती है एक अदद लड़की की। जिसे बाइक पर बिठाकर घुमा सकें, फिल्में देखने जा सकें, घंटों फोन पर बतिया सकें और दोस्तों के बीच शान से कह सके कि आखिर हमारा भी खाता खुल चुका है। ऐसे दोस्तों के लिए कुछ सुझाव हैं।

*इंट्रोडक्शन : पहले तो जाकर इंट्रोडक्शन की औपचारिकता पूरी करें। केवल अपने बारे में ही बताएं। पिताजी या अन्य परिजनों आदि की उपलब्धि का बखान आगे बढ़कर करें

* स्टेप बाई स्टेप ही आपको प्रोसेस पूरी करनी होगी। कभी भी जल्दबाजी न दिखाएं

* कोई भी लड़की आपको पसंद आती है तो उसमें रूचि जरूर लें लेकिन हाथ धोकर पीछे पड़ जाने वाला काम न करें। इससे आपकी छबि अच्छी नहीं बनेगी और लड़की भी आपको फिर 'यूज' करने की ही कोशिश कर सकती है।

* ऐसा कोई काम न करें कि उसे लगे कि आप उसे प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं। सहज रहें। जान-पहचान के बाद भी कभी चाय-कॉफी के लिए सीधे प्रपोज न करें। हां यदि क्लास आदि के बाद कभी समय है या बंक मारी है तो ऑफर कर सकते हैं।

* धीरे-धीरे अपने बारे में उसकी राय का पता लगाएं। मतलब वह आपको किस रूप में देखती है। या उसका झुकाव आपकी तरफ है भी या नहीं।

* कभी भी उससे अकेले में मिलने की जल्दबाजी न दिखाएं।

* मौके बेमौके बर्थडे आदि अवसर पर गिफ्‍ट देना न भूलें। शायद ही ऐसी कोई लड़की होगी जिसे चाकलेट या फूलों से लगाव नहीं होगा। कभी-कभी सभी दोस्तों के लिए तो कभी सिर्फ उन्हीं के लिए लेकर जाएं।

* वह लड़की किसी अन्य लड़के से बात करे भी तो सामान्य रूप से लें। उग्र भाव प्रकट न होने दें।

* फिल्मी स्टाइल की हूबहू कॉपी न करें क्योंकि रील लाइफ और रियल लाइफ में जमीन आसमान का अंतर होता है। पिक्चर में हीरो को पूरी स्क्रिप्ट पता होती है। सब कुछ तय लाइन पर चलना होता है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता।

* एक चीज सुनने में आती है कि यदि लड़की को सेट करना हो तो उसकी सहेली को पूरे दिलो जान से लाइन मारो। थोड़ा सा ये फंडा अपने अनुभव और परिस्थिति के हिसाब से सेट कर लें। हो सकता है आपके साथ काम कर जाए।

* मजनू्ओं की तरह हरकतें न करें गलत इम्प्रेशन पड़ेगा।

* संभव हो तो अपनी बहन से उसकी दोस्ती करा दें। ताकि आपको उनसे और टच में रहने का मौका मिलेगा।

* प्यार की डाली पर खिलने वाले फूलों के साथ कांटे भी होते हैं निश्चित रूप से यह भी आपके ही खाते में आएंगे। जैसे मोहतरमा को चाहने वाले आप अकेले ही नहीं होंगे आपके अन्य साथी वगैरह भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना होगा और साम, दाम, दंड भेद नीति से उन्हें परास्त कर अपनी पताका फहरानी होगी।

* कभी भी बड़ी-बड़ी डींगे नहीं हांके। अपने आपको बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करें। आजकल जमाना सिम्पलिसिटी का है। यदि आप किसी क्षेत्र के माहिर खिलाड़ी हैं भी तो उसे सामान्य ढंग से ही बताएं।

* कभी-कभी किसी मसले समस्या, परेशानी आदि पर अपने विचारों का आदान-प्रदान करें। यह चीज काफी मायने रखती है। आप दोनों एक-दूसरे के विचारों को तो जानते ही हैं और भावनात्मक रूप से परस्पर करीब भी आते हैं।

दोस्तों से कभी चर्चा करें भी तो विश्वसनीय लोगों से। मतलब जो बात का बतंगड़ न बनाएं। नहीं तो लोग बात का मतलब कुछ और निकालकर बखेड़ा खड़ा करने वालों की कमी नहीं है।

सबसे जरूरी चीज कभी बाय चांस इसमें असफल हो भी जाएं तो नशीली चीजों का सेवन, स्वयं को या लड़की को हानि पहुंचाने जैसा कई कदम न उठाएं। इससे तो 'तू नहीं तो और सही और नहीं तो और सही' का फामूला सर्वथा बेहतर है।

तो इस परीक्षा पर खरा उतरने के लिए जुट जाएं तैयारी में। विश यू गड लक।

लड़कियां कैसे लड़को को पसंद करती है: एक लड़की की पसंद से.

कल यूं ही नेट पर एक लड़की की डायरी (A girl’s Diary) पढ़ रहा था तो उसके ब्लॉग से कुछ ऐसा मिला जिसे पढ़ मुझे लगा कि मुझे भी अपना ज्ञान बढ़ा लेना चाहिए. इस मोहतरमा ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि वह कैसे लड़को को पसंद करती हैं.



यूं तो मैं भी कई बार आपको इस तरह के टिप्स दे चुका हूं पर इस लड़की के टिप्स वाकई पढ़ने लायक है. अरे  भई अब एक लड़की ही तो अच्छी तरह से जान सकती है ना कि लड़कियों को कैसे लड़के पसंद है.



हमको तो यही लगता है ना कि लड़कियों को ज्यादा मसल और सिगरेट पीते लड़के कूल लगते हैं लेकिन असलियत में वह लड़के उन्हें कूल नहीं फूल लगते हैं (फूल अंग्रेजी वाला). तो चलिए जानते हैं लड़कियों को पटाने के कुछ आसान टिप्स.



e-breakup_full_arsलड़कियां को कैसे लड़के पसंद होते है:



* लड़कियों को हैंडसम लड़के पहली नजर में ही भा जाते हैं. अक्सर हम यही सोचते हैं कि हमारा दिल ही मक्खन की तरह पिघलता है लेकिन लड़कियों का दिल तो हमसे भी ज्यादा चिकना होता है. थोड़े से फेयर एंड हैंडमस बनो और फिर देखो कितनी लड़कियां आप पर मरती है.



* सही ढ़ंग से ड्रेस किया हो लड़का. चाहे अंदर माल कैसा भी भाई आजकल के जमाने में पैकिंग बढ़िया होनी चाहिए. इसलिए हमेशा जरा सही कपड़े पहनकर रखा करे. वैसे भी आज जानते हैं ना फर्सट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन.



* मजाकिया अंदाज: लड़कियों को वह लड़के बहुत दिलकश लगते हैं जो हंसते खेलते रहते हैं ना कि रोते-धोते. लेकिन हां चाहे आपको फिल्मों में इमोशनल सीन देखकर रोना आए ना आए अगर लड़की को इंप्रेस करना हो तो बोलिए कि आपकी आंखे भी बॉलिवुड के इमोशनल सीन देखकर गीली हो जाती हैं.



* सिगरेट छि: देखिए अगर आप सोचते हैं कि सिगरेट पीते हुए बड़े हॉट एंड सेक्सी लगते हैं तो अपनी राय बदल लें क्यूंकि लड़कियों को सिगरेट पीते लड़के कभी नहीं भाते.



Dating Tips* देखभाल करें: वैसे देखभाल से उनका मतलब होता है उनके खर्चे उठा सके स्पेशली मोबाइल के बैलेंस, मेट्रो की टिकटें और मार्केट की चाट वाले खर्चे. फिर भी लड़कियों को पसंद है किलड़का उनसे हर दो तीन घंटे में पूछते रहे कि वह कैसी है, खाना खाया कि नहीं, पानी पीया कि नहीं आदि. (फिजुल के जितने भी सवाल है सब लड़कियों के फेवरेट होते हैं. )



* बैड बॉय से थोड़ा हां थोड़ा ना: अक्सर देखने में आता है कि लड़कियों को बैड बॉय अच्छे लगते हैं लेकिन वह बैड बॉयज को यूज एंड थ्रो के रूप में इस्तेमाल करती है. भाई आखिर उनका भी तो मन है जिसे बहलाना पड़ता है.



* दिमागदार: लड़कियों को वह लड़के पसंद होते हैं जिनके पास थोड़ा दिमाग हो. (ज्यादा दिमाग वाले लड़कों को वह अपने लिए खतरा मानती है. )



* खाना बनाना है पैमाना: लड़कियों को अपने ड्रीम बॉय में कूकिंग एबेलिटी की चाह होती है. वह चाहती हैं कि उनका प्रेमी उन्हें अपने हाथ से बना कुछ खिलाएं. (भाई जमाना बदल गया है पहले की तरह लड़कियां खाना बनाना पसंद नहीं करती. )



* म्यूजिक, फिल्में, ड्रामा: लड़कियों को फिल्मों और संगीत से जन्मजात प्रेम होता है. तो अगर आप भी लड़कियों की नजरों में प्लेबॉय बनना चाहते हैं तो पहले अपना बॉलिवुड ज्ञान बढ़ाएं फिर देखिए क्या होता है.