Wednesday, 15 June 2011

वज़न घटाने के टिप्‍स

अत्यधिक पानी का सेवन करें - वजन घटाने के लिए सबसे बढ़िया तरीकों में से एक है – सोडा का सेवन टालना और पानी का ही सेवन करना । कैलोरी से भरपूर या शर्करा युक्त पेय को पीने की बजाए एक गिलास ताज़ा पानी पीजिए । यह आपके डाइट प्लान के सबसे महत्त्वपूर्ण अंगों में से एक है । हर एक घंटे में एक गिलास पानी का सेवन आपके शरीर के लिए चमत्कार कर सकता है । यह आपको भूख का एहसास न कराते हुए कम खाने में आपकी मदद करता है । अधिक मात्रा में ग्रहण किया हुआ पानी शरीर से अवांछित अवशेषों को बाहर निकालता है और पाचन प्रक्रिया में अपना सहयोग देता है।   

व्यायाम - अपनी चर्बी को अधिक मात्रा में गलाने के लिए एक बढ़िया रास्ता है - अपने व्यायाम में ‘वेट प्रोग्राम’ को जोड़ना ।

प्रोटीन खुराक - अपने मेटाबोलिज्म स्तर को बढ़ाने के लिए प्रोटीन युक्त खुराक का चुनाव करें और अपने शरीर को चर्बी को तेज़ी से गलाने के लिए मदद करें ।

बुद्धिमानी से कैलोरी में कटौती करना - अपनी खुराक में कैलोरी की मात्रा में कटौती करने के लिए एक सही तरीका चुने, जो कि चरणों में आपका वजन घटाएँ, और जिससे कि किसी भी प्रकार के खतरे को कम कर सके । कैलोरी की मात्रा ज़बरदस्त रूप से कम करने से आपके शरीर में सारी उपलब्ध कैलोरी बड़ी तेज़ी से नष्ट हो जाती है और जिससे कि आपका मेटाबोलिज्म स्तर कम हो सकता है ।

प्रत्येक भोजन के साथ फल और सब्जियों को भी जोड़े । इससे आपका पेट भर जाएगा और आप कैलोरी की मात्रा में कटौती कर पाएंगे ।

स्वास्थ्यवर्धक भोजन ग्रहण करना --- नाश्ता हर दिन खाएं, क्योंकि आपने पिछली रात से कई घंटो से कुछ नहीं खाया है । नाश्ता खाने से बाद में दिन के दौरान आपके बढ़िया खाने की इच्छा घटती नहीं है । नियमित अंतराल पर कुछ न कुछ खाना चाहिए, अनियमित समय पर भोजन करने से आपके पूरे डाइट प्लान की धज्जियां उड़ सकती हैं । इसकी हमेशा सलाह दी जाती है कि अपना एक निश्चित दिनचर्या को बनाए रखे और हमेशा उससे चिपके रहें । अपना भोजन को कभी भी टालना नहीं चाहिए क्योंकि एक भोजन को टालने से आपको ऐसा प्रतीत हो सकता है कि आपने कैलोरी में कमी कर दी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है । आप बुनियादी तौर पर खुद को भूखा रख रहे हैं, जो कि बहुत गलत है और जो अगला भोजन आप करेंगे, वह शुद्ध वसा में तब्दील हो जाएगा । इससे असल में आपका वजन घटने की बजाए बढ़ जाएगा ।

शराब का सेवन सीमित कीजिए --- शराब का सेवन सिर्फ ख़ास मौकों पर करें । शराब न सिर्फ़ अत्यधिक मोटापा बढाता है, बल्कि आपकी इच्छाशक्ति को भी घटाती है । भविष्य में आपके शरीर के लिए शराब बेहद नुकसानदायक भी है ।

निरंतर चलते रहिए यानि कि हमेशा सक्रिय रहिए, एक ‘काऊच पोटेटो’ मत बनिए । हर दिन पैदल चलने जैसी शारीरिक क्रिया के साथ साथ स्वस्थ खुराक ही वजन घटाने की सफलता की एकमात्र कुंजी है ।

संबंधों में तनाव कम करने के तरीके

तनाव किसी भी संबंध को बिगाड़ सकता है, इसलिए व्यक्ति को किसी भी प्रकार के तनाव से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। तनाव मुक्त होने के लिए तनाव का प्रबंधन करना जरूरी है आइए जानें संबंधों में तनाव कम करने के तरीकों के बारे में। वैसे तो तनाव किसी भी संबंध में आ सकते हैं, लेकिन अगर कपल्स के बीच तनाव होता है, तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। आइये ऐसे तनाव से बचने के तरीके जानें -
  • मन शांत रखें, मेडीटेशन करें, साथ में योगा करें।
  • तनाव के कारण खोजें और उसका निदान करें।
  • म्यूजिक से मन को बहुत शांति मिलती है, जब भी आप अपने को तनाव में महसूस करें तो अपने साथी को परेशान करने की बजाय
  • म्यूजिक सुनें और अपना तनाव भगाएं।
  • तनाव से निपटने के लिए डांस, जिम या किसी खेल संबंधी क्लासिज में साथ जाएं।
  • साथ में सैर करें या फिर योगा क्लास ज्‍वाइन करें
  • हमेशा सकारात्मक ही सोचे।
  • खाने-पीने पर खासा ध्यान दें, इससे दिमाग फ्रेश रहता है।
  • सोने और उठने का सही समय निर्धारित करें।
  • परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपनी प्रतिदिन की गतिविधियों में शामिल करें।
  • प्रतिदिन व्यायाम और प्रणायाम करें। 
  • कहते हैं अपनी रूचि अनुसार काम करने से बहुत फ्रेशनेस आती है और तनाव भी दूर होता है। यदि आपको पढ़ने की आदत है तो आप पढ़ सकते है। इससे आपको बहुत सुकून मिलेगा या फिर अपने तनाव को अपनी डायरी लेखन के माध्यम से भी दूर कर सकते हैं।
  • सप्ताह में साथ में एक बार बाहर धूमने जरूर जाएं।
  • जबरन शारीरिक संबंध स्थापित न करें।
  • एक-दूसरे का आदर-सम्मान करें।
  • स्‍ांभंव हो तो डेटिंग पर जाएं।
  • कहते हैं कि परिवार के साथ समय बिताने से तनाव से मुक्ति मिलती है। ऐसे में यदि आप अपने साथी के साथ अतिरिक्त एक्टीविटीज करेंगे तो आप तनाव का प्रबंधन भी कर पाएंगे और अपने संबंध मधुर भी बना पाएंगे।

Thursday, 9 June 2011

बातें जो महिलाएं पुरूषों को नहीं बतातीं


बातें जो महिलाएं पुरूषों को नहीं बतातींबहुत से ऐसे पुरूष हैं जो यह जानना चाहते हैं कि महिलाएं वास्तव में क्या चाहती हैं । ऐसा कौन सा गिफ्ट हो सकता है, जो उन्हें आकर्षित करे या वो ऐसा क्या करें कि वो अपनी प्रेमिका का दिल जीत सकें। महिलाओं के लिए यह गर्व का विषय होता है जबकि उनकी बातों को कोई बिना कहे समझ जाये।

1- महिलाओं की बातें


पुरूष बातें करना कम पसंद करते हैं और वो इस बाते से भी इनकार नहीं कर सकते कि महिलाए उन्हें कहीं ज्यादा समझती हैं । महिलाएं अकसर बातें करना पसंद करती हैं, वो बहुत सी बातें एक दूसरे से बांटती हैं और उनके लिए एक दूसरे से जुड़ने का यह एक अच्छा माध्यम होता है ।

2- हम अपनी मां जैसा कहलाना पसंद नहीं करते


इस बात को गलत ना समझें लेकिन यह सच है सभी महिलाएं अपनी मां से बहुत प्यार करती हैं लेकिन वो यह सुनना पसंद नहीं करतीं कि वो अपनी मां जैसा खाना बनाती हैं या ऐसी तारीफ मां पूरी दुनिया में सबसे अच्छी होती है । वो अच्छा खाना बनाना जानती है और बच्चों को खुश रखना भी जानती है । पृथ्वी पर रहने वाले जीवों में सबसे अच्छा व्यक्तित्‍व होता है मां का । लेकिन फिर भी महिलांए अपनी मां जैसा बनना नहीं चाहतीं । तो उन्हें यह बात सबसे बुरी लग सकती है कि वो अपनी मां की तरह दिख रही हैं ।

3- कुछ तय बातें


महिलांए यह जानती हैं कि चीज़ों को कैसे व्यवस्थित करना है । स्क्रूडाइवर से ड्रिल तक उन्हें पता होता है कि आपके टूल बाक्स में मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल कैसे करना है । बहुत सी अकेले रहने वाली महिलाओं को पता होता है कि उन्हें चीज़ों को कैसे व्यवस्थित करना है । आप इस बात के लिए उनसे शिकायत नहीं कर सकते क्योंकि इसके बहुत से कारण हो सकते हैं । आप ऐसा नहीं कह सकते कि आप यह काम नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास किसी भी काम को आपसे कराने के बहुत से बहाने होते हैं ।

4-हमारे एक्स बायफ्रैंड हाट थे


अवश्य ही वो मूर्ख थे और इसी कारण आपने उन्हें छोड़ दिया लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वो आपसे कम प्यार करती हैं । आप शायद हज़ारों या लाखों में से एक होंगे और इसी कारण आप सबसे अच्छे हैं । हमें बात को थोड़ा बढ़ा चढ़ा कर कहने की आदत होती है ।

5-हम कड़ी प्रतिबद्धता से डरते हैं


सिर्फ इसलिए कि एक लड़की 5 साल की उम्र से ही शादी के सपने देखती है इसका अर्थ यह बिलकुल नहीं है कि उसके जीवन में जो भी पहला लड़का आयेगा वो उसे स्वीकार कर लेगी । हम भी अपनी आज़ादी चाहते हैं । हमें कड़ी प्रतिबद्धता से सभी को डर लगता है और प्रतिबद्धता को लेकर हम बहुत ही सावधान रहते हैं । प्रतिबद्धता के बारे में फार्टिस अस्पताल की साइकैट्रिस्ट डा समीर मलहोत्रा का कहना है कि प्रतिबद्धता दोनों के लिए ही ज़रूरी होती है । आज प्रतिबद्धता के लिए पोषण आवश्यक है

पुरूषों के लिए डेटिंग टिप्स

ऐसा मिथ है कि पुरूषों को डेट पर जाने से पहले कोई तैयारी नहीं करनी पड़ती क्यों कि उनमें इस तरह के गुण शुरूआत में ही आ जाते हैं इसीलिए जब भी पुरूष डेटिंग के लिए जाते हैं उन्हें किसी बात की परवाह नहीं होती लेकिन पुरूषों का ऐसा सोचना गलत है। आजकल पुरूषों को भी डेटिंग टिप्स की खासी जरूरत पड़ती है क्योंकि आजकल की लड़कियां पहले से कहीं अधिक तेज हो चुकी हैं। आइए जानें इस शगल में मशगुल पुरूषों के लिए डेटिंग टिप्स के बारे में।

  • कहते हैं फर्स्टज इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन। ये बात डेटिंग टिप्स के दौरान सबसे पहले लागू होती है।  लड़कियों पर इंप्रेशन ऐसा पड़ना चाहिए कि वे हमेशा इसे याद रख सकें।
  • डेटिंग आमतौर पर एक-दूसरे का जानने, समझने और परखने के लिए की जाती है। इसलिए कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे दोबारा डेट पर जाना संभव न हो।
  • डेट पर जाना हमेशा से ही दिलचस्प अनुभव रहता है। लेकिन आपकी डेट खराब न हो इसके लिए आप कुछ भी बोलने से पहले सावधान रहें।
  • पहली डेट पर ऐसा कुछ भी न करें जिससे आपकी गर्लफ्रेंड के नाराज होने के आसार हो।
  • डेट पर जाते हुए स्मार्ट बनकर जाना जरूरी होता है लेकिन ये जरूरी नहीं कि आप हर समय स्टाइल ही मारते रहें।
  • लड़कियां अक्सर पुरूषों की शक्ल से नहीं अक्ल और व्य्वहार से प्रभावित होती हैं इसलिए सलीके से व्यवहार करना बहुत जरूरी होता है।
  • आपको देखकर ये नहीं लगना चाहिए कि आप बहुत ही उत्साहित हैं और दिलफेंक इंसान हैं।
  • गर्लफ्रेंड के साथ डेट पर अन्य लड़कियों पर कम ध्यान दें और अपनी गर्लफ्रेंड की बातों पर ज्या्दा।
  • उसे कॉम्प्लिमेंट देना न भूलें। लेकिन उसे ऐसा कतई न लगे कि आप उसकी झूठी तारीफ कर रहे हैं। इस बात का ध्यान रखें कि कमेंट और कॉम्पिलमेंट देने में अंतर होता है। पहली मुलाकात में ही आप उसे लाइक करते हैं या तुम बहुत अच्छी हो जैसे कॉम्पिलमेंट कतई नहीं दें। उसकी ड्रेस पर कमेंट बिल्कुल न दें। 
  • डेट पर अपनी गर्लफ्रेंड को बोलने का मौका दें और उसे समझने की कोशिश करें।
  • पहली मुलाकात के तुरंत बाद कॉल न करें और न ही कोई एसएमएस करें। कुछ दिन इंतजार करें जब तक कि कोई जरूरत न हो। अगर देर हो जाए तो उसे उसके घर या उसके आसपास छोडने जरूर जाएं।
  • आप उससे कहें कि आप उसे घर से ही पिक कर लेंगे। इससे उस पर आपका अच्छा इंप्रेशन पड़ेगा। अगर वह कहती है कि वह खुद आ जाएगी, तो आप उस पर बेवजह प्रेशर नहीं डालें। 
  • पहली डेट पर आप अपनी फ्रेंड को वेट बिल्कुल भी न करवाएं। इससे उसे लगेगा कि आपके लिए उसका कोई महत्व नहीं है।
  • आपका वेल ड्रेस्ड होना व प्रजेंटेबल दिखना बेहद जरूरी है। मॉडर्न दिखें। आप ड्रेस जगह को ध्यान में रखकर कैरी करें। आपसे पसीने वगैरह की स्मेल न आए। इसके लिए अच्छा - सा परफ्यूम लगा लें। याद रखें कि वेल ग्रूम्ड लड़के सबकी पसंद होते हैं। आपने अगर लड़की को अपने घर इंवाइट किया है, तो मैनर्स का ध्यान रखें। 
  • आप डेट के दौरान लड़की से हल्की - फुल्की बातचीत शुरू करें। उसे ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप उसका इंटरव्यू ले रहे हैं। उससे पर्सनल सवाल ज्यादा न पूछें। आप उसकी हॉबीज, लाइक व डिस्लाइक पर बात कर सकते हैं। 
  • आप डेट के दौरान ही उससे पूछें कि क्या वह कंफर्टेबल फील कर रही है। अगर उसे वहां अच्छा नहीं लग रहा है , तो आप उससे कहीं और चलने की सजेशन भी दे सकते हैं। अगर वह मना करती है , तो कोशिश करें कि वह वहीं पर कंफर्टेबल फील करे। 
  • पहली डेट पर ही अतिरिक्त खुलापन दिखाने या खुलने की कोशिश न करें सामने से सिग्नल मिलने का इंतजार करें।
  • गर्लफ्रेंड के अतीत के बारे में भूलकर भी कुछ न पूछे जो भी वह बताएं उसे सहजता से सुनते रहें।
  • गर्लफ्रेंड को पहली ही मुलाकात में किसी अकेले स्थान पर न बुलाएं इससे आपका इंप्रेशन खराब हो सकता है।
  • अपने पार्टनर के साथ अपने मोबाइल फोन को कुछ समय के लिए साइलेंट या बंद कर दें जिससे आपको कोई फोन करके परेशान न करें।
  • पहली ही मुलाकात में बिना जाने गर्लफ्रेंड के लिए किसी भी पेय पदार्थ के लिए ऑफर न करें।

इस तरह के कुड फंडे अपनाकर पुरूष अपनी पहली डेट को सफल बना सकते हैं।

मस्त तरीके प्यार जताने के

कभी कभी कुछ लोग ऐसे अजीब-अजीब से नुस्खे बताते हैं जिसे सुन हंसी रोके नहीं रुकती. अभी कुछ दिन पहले ही मेरा दोस्त मुझे लड़की पटाने के कुछ तरीके बता रहा था. उसके टिप्स सुनकर मेरी तो हंसी रोके नहीं रुक रही थी. प्यार और लड़की पटाने के ऐसे तरीके अगर कोई इस्तेमाल करे तो हो सकता है उसे सफलता मिले लेकिन असावधानी मार भी खिला सकती है. मैंने सोचा थोड़ा आप भी हंसें इसलिए आप भी मजा लीजिए.

लड़की पटाने के मस्त तरीके ( :) काश कि इतना ध्यान आप काम की चीजों को पढ़ने में लगाते :) ):



love tips प्यार में सबसे जरुरी होता है लड़की के मां बाप की नजरों में शरीफ बनना ..तो सबसे पहले जरुरी है जरा उनके सामने भी हीरो वाली इमेज बना कर रखें.

:) दिल का रास्ता जीभ से होकर गुजरता है और लड़कियों की तो जीभ होती ही लंबी है तो क्यों न इसका फायदा उठाया जाए. जब भी उनसे मिले तो बिना खिलाए-पिलाए जाने ही मत दें. ये बात अलग है कि वह हमेशा ना-ना ही करती रहती हैं. और हां गोलगप्पे, चाट आदि उनकी फेवरिट होती है लेकिन उसे खिलाते समय अपनी जेब का ख्याल रखना.

:) तुम जिस लड़की को चाहते हो उसे रोज-रोज हर घंटे प्यार भरे एसएमएस भेजो. उसे बताओ कि तुम उसे कितना चाहते हो और हां उसे पता नहीं चलना चाहिए कि तुम फ्री एसएमएस भेजते हो वरना पटने की जगह दूर हो जाएगी और गालियां पड़ेंगी वह अलग.

:) लड़कियां बहुत इमोशनल होती हैं तो उनके सामने घुटने पर बैठकर यह जताने का कोशिश करो कि जिंदगी में सबसे ज्यादा तुम उसे चाहते हो. और अपनी पूरी जिंदगी उसके लिए न्यौछावर कर सकते हो. यकीन मानो अगर तुमने सही डायलॉग्स का इस्तेमाल किया तो तुम्हारा 75% काम बन ही जाएगा.

:) और हां, लड़कियों को शर्मीले लड़के अच्छे नहीं लगते तो जब भी उनसे मिलो शर्माना बिलकुल नहीं. हमेशा उसकी आंखों में आंखे डाल कर बातें करना और अगर आगे बढ़ने का चांस मिल रहा हो तो मिस मत करो और हमेशा हाथ पकड़कर ही बात करना.

:) उसकी हर अदा की तारीफ करो. चाहे वह तुम्हें अच्छी लगे या न लगे. भई कुछ पाने के लिए कुछ खोना तो पड़ता ही है.

:) जिसे तुम चाहते हो तुम भी उसी की तरह बन जाओ. वो जो खाती हो तुम भी वही खाना शुरु कर दो. उसे जो पसंद हो उसे ही तुम अपनी पसंद बना लो. ऐसा करने से वो तुम पर अपनी जान लुटा देगी.

:) वैसे अगर इन सब के बाद भी आपका काम न बने तो समझ जाओ आपकी प्यार की नैया राम के भरोसे ही है और अगर इन टिप्स की वजह से मार खाओ तो मुझे याद मत करना क्योंकि भईया मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि इन्हें गंभीरता से न लें

मेरे सपनों को समझने वाला


ND
हमारे समाज में अब तक होता यह आया है कि लड़की के सपनों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। सारे सपनों का संसार लड़कों के इर्द-गिर्द ही बुना जाता है, क्योंकि अब तक यह माना जाता रहा है कि उनकी दुनिया ही हकीकत की दुनिया होती है, लड़की के सपने रात के सपनों की तरह हुआ करते हैं, जिनका वजूद रात होते तक ही हुआ करता है, लेकिन अब जबकि समाज में लड़कियों ने भी अपने लिए जगह बनाई है, उनके सपनों ने भी पंख लगाए हैं और वे भी चाहती हैं कि समाज, परिवार, परंपरा और दुनियादारी के नाम पर उनके सपने दफन न हों।

अब शादी के लिए घर-परिवार, पढ़ाई-लिखाई, सूरत-शक्ल, नौकरी-आमदनी और चरित्र देखने के साथ ही लड़कियाँ यह भी देखती हैं कि जिसके साथ उनका जीवन और भविष्य बँधने जा रहा है, क्या वह उनके सपनों को समझेगा? चाहे वे सपने कितने भी छोटे-छोटे क्यों न हों! क्या वह उन्हें पूरा करने के प्रति उतना संवेदनशील होगा?

कि मैं पति के रूप में ऐसा साथी चाहती हूँ, जो पति होने से पहले मेरा दोस्त हो, जो मेरी भावनाओं को समझे। शादी के बाद मेरी प्राथमिकता परिवार व अपने रिश्ते के प्रति ही होगी, लेकिन मैं अपने करियर में भी आगे बढ़ना चाहती हूं तो वह मुझे सहयोग करे, न कि मेरी प्रतिभा को दबाए। मेरी गलती होने पर बेशक वह मुझे बताए। मेरा मानना है कि सफल वैवाहिक जीवन के लिए यह बहुत जरूरी है कि दोनों एक-दूसरे के सपनों को समझें और उन्हें मिलकर पूरा करें। अब लड़कों की तरह लड़कियों के भी अपने सपने होते हैं, जिनके पूरा होने की आशा वे बरसों तक मन में संजोकर रखती हैं। जब पत्नियां अपने पति के सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान से कोशिश करती हैं तो पति को भी पत्नी का सहयोग करना चाहिए।

एमसीए की पढ़ाई कर रही पूजा आर्य का ख्वाब है कि मेरा भावी जीवनसाथी भौतिक जरूरतों के साथ मेरी मानसिक रुचि को भी समझे। जैसे कई सालों से मैं सोच रही हूं कि मेरी पर्सनल बड़ी-सी लाइब्रेरी हो। मुझे किताबें पढ़ने का शौक है तो मेरा पति उसे समय की बर्बादी या बेकार का शौक न माने। वह समझे कि किताबें पढ़ने से मेरे मन को शांति मिलती है, मेरे मन को अच्छा लगता है। वे बताती हैं कि मेरी दादीजी की बहुत इच्छा थी कि घर में एक गाय हो, ताकि वे उसकी सेवा कर सकें, लेकिन दादाजी ने कभी उनकी इच्छा पूरी नहीं होने दी। उनकी यह आस अधूरी रह जाने की टीस उनके मन में बुढ़ापे तक है।

लड़कियों के लिए 'सपनों का राजकुमार' मिलना आज भी सपना ही है। ज्यादातर लड़कियों को अपनी जिंदगी में कई समझौते और त्याग करना पड़ते हैं। जहां तक लड़कियों के सपनों को समझने की बात है, तो भारतीय समाज में अभी भी पति अपनी पत्नी के लिए खुले दिमाग से नहीं सोच पाते
बातों ही बातों में वे मुझसे अक्सर इस बात का जिक्र करती हैं और इस दौरान उनके चेहरे पर छाई उदासी देखकर मुझे बड़ा खराब लगता है। दादी ने उम्रभर दादाजी का साथ दिया, तो क्या उनका फर्ज नहीं था कि वे भी दादी की इच्छा का सम्मान करें! मैं नहीं चाहती कि मैं अपने मन में कोई आस लिए ही जिंदगी गुजार दूं और बुढ़ापे में ख्वाब पूरा न कर पाने की टीस मेरे मन में रहे, इसलिए मैं ऐसा जीवनसाथी चाहती हूं जो मेरे सपनों को समझे।

फैशन डिजाइनिंग कर चुकीं संस्कृति शर्मा जीवन की हर बात व्यावहारिक धरातल पर सोचती हैं। वे कहती हैं कि निःसंदेह लड़कियां अपने मन में अपने होने वाले पति को लेकर बहुत-से खूबसूरत ख्वाब मन में संजोती हैं। उन्हें लगता है कि उनका पति हर दुख में, हर सुख में उनका साथ देगा। यदि वे पति के लिए हर बात का खयाल रखेंगी तो पति भी उनका खयाल रखेगा, जबकि बहुत कम लड़कियों के साथ ऐसा होता है।

लड़कियों के लिए 'सपनों का राजकुमार' मिलना आज भी सपना ही है। ज्यादातर लड़कियों को अपनी जिंदगी में कई समझौते और त्याग करना पड़ते हैं। जहां तक लड़कियों के सपनों को समझने की बात है, तो भारतीय समाज में अभी भी पति अपनी पत्नी के लिए खुले दिमाग से नहीं सोच पाते हैं।

रचना ने कभी यह तो नहीं सोचा था कि फाईन आर्ट में पीजी करने के बाद वह इसे करियर बनाएगी, लेकिन धीरे-धीरे उसे यह महसूस होने लगा कि पेंटिंग करना उसे खुशी देता है, उसे ऊर्जा से भर देता है। अब जबकि वह शादी करने के बारे में सोच रही है तो उसे ये लगता है कि वह पेंटिंग करती रहेगी। वह चाहती है कि जिस किसी से भी उसकी शादी हो, वह उसके इस शौक को समझे और इसे बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित भी करे और सहयोग भी।

अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि सबसे सफल शादियां वे होती है जिनमें पति-पत्नी दोनों तरक्की करते हैं, दोनों जीवन में आगे बढ़ते हैं। भारतीय समाज में अधिकांशतः अब तक यही होता आया है कि पति अपने करियर और सपनों को लेकर बहुत सजग होते हैं। वे जो सोचते है, उसे पूरा कर लेते हैं और पति के सपनों को पूरा करने में भारतीय पत्नी भी अपना पूरा सहयोग करती रही है।

चाहे उसके लिए उसे अपनी इच्छाओं का दमन क्यों न करना पड़ा हो। लेकिन अब लड़कियां अच्छी शिक्षा और अच्छा रोजगार प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। तो वे भी अपनी अभिलाषाओं को पूरा करने उद्यत हैं। अब वे ऐसा साथी चाहती हैं जो हर कदम पर उनका साथ दे। उनकी छोटी-छोटी ख्वाहिशों का भी जीवन में बड़ा महत्व समझे। पति अब पत्नियों की छोटी-बड़ी ख्वाहिशों को नजरअन्दाज न करें क्योंकि सफल वैवाहिक जीवन के लिए यह जरूरी हो गया है कि दोनों खुश रहें, दोनों तरक्की करें।

Saturday, 4 June 2011

मैं परेशान तू मज़े में

जीवन में अनेकों बार ऐसी स्थिति आती है कि हम सोचने लगते है मैं तो परेशान हूँ और दूसरे लोग मजे में हैं और यह सोच हमें हीन भावना से ग्रस्त करते जाता है। मनुष्य के व्यवहार से सम्बन्धित इस विषय पर थॉमस एन्थॉनी हैरिस द्वारा लिखित अंग्रेजी पुस्तक I'm OK, You're OK बहुत ही लोकप्रिय है। यह पुस्तक व्यवहार विश्लेषण (Transactional Analysis) पर आधारित है।

श्री हैरिस की पुस्तक I'm OK, You're OK के अनुसार मनुष्यों के आपसी व्यवहार की चार स्थितियाँ होती है -

मैं मजे में तू मजे में (I'm OK, You're OK)
मैं मजे में तू परेशान (I'm OK, You're not OK)
मैं परेशान तू मजे में (I'm not OK, You're OK)
मैं परेशान तू परेशान (I'm not OK, You're not OK)

उपरोक्त परिस्थितियाँ किन्हीं भी दो लोगों के बीच हो सकती हैं चाहे वे पति-पत्नी हों, भाई-भाई हों, बाप-बेटे हों, अफसर-कर्मचारी हों, यानी कि उनके बीच चाहे जैसा भी आपसी सम्बन्ध हों। देखा जाये तो पहली स्थिति आदर्श स्थिति है और चौथी सबसे खराब। मनुष्य के जीवन में आदर्श स्थिति कभी कभार ही आ पाती है और सबसे खराब स्थिति भी कभी-कभी आती है किन्तु दूसरी तथा तीसरी स्थिति संपूर्ण जीवन में बनी रहती है।

श्री हैरिस की पुस्तक इसी बात का विश्लेषण करती है कि उपरोक्त व्यवहारिक स्थितियाँ क्यों बनती हैं। उनका सिद्धांत बताता है कि मनुष्य निम्न तीन प्रकार से सोच-विचार किया करता है:

बचकाने ढंग से (Child): इस प्रकार के सोच-विचार पर मनुष्य की आन्तरिक भावनाएँ तथा कल्पनाएँ हावी रहती है (dominated by feelings)। आकाश में उड़ने की सोचना इसका एक उदाहरण है।

पालक के ढंग से (Parent): यह वो सोच-विचार होता है जिसे कि मनुष्य ने बचपने में अपने पालकों से सीखा होता है (unfiltered; taken as truths)। 'सम्भल के स्कूल जाना', 'दायें बायें देखकर सड़क पार करना' आदि वाक्य बच्चों को कहना इस प्रकार के सोच के उदाहरण है।

वयस्क ढंग से (Adult): बुद्धिमत्तापूर्ण तथा तर्कसंगत सोच वयस्क ढंग का सोच होता है (reasoning, logical)। सोच-विचार करने का यही सबसे सही तरीका है।

हमारे सोच-विचार करने के ढंग के कारण ही हमारे व्यवहार बनते है। जब दो व्यक्ति वयस्क ढंग से सोच-विचार करके व्यवहार करते है तो ही दोनों की संतुष्टि प्रदान करने वाला व्यवहार होता है जो कि "मैं मजे में तू मजे में (I'm OK, You're OK)" वाली स्थिति होती है। जब दो व्यक्तियों में से एक वयस्क ढंग से सोच-विचार करके तथा दूसरा बचकाने अथवा पालक ढंग से सोच-विचार करके व्यवहार करते है तो "मैं मजे में तू परेशान (I'm OK, You're not OK)" या "मैं परेशान तू मजे में (I'm not OK, You're OK)" वाली स्थिति बनती है। किन्तु जब दो व्यक्ति बचकाने या पालक ढंग से सोच-विचार करके व्यवहार करते है तो "मैं परेशान तू परेशान (I'm not OK, You're not OK)" वाली स्थिति बनती है।

उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर व्यवहार करने से ही सभी की संतुष्टि हो सकती है।